पिंजौर में पांडव कालीन बावड़ी की नाली में गिरकर दो वर्षीय बच्चे की मौत हो गई। लोगों ने प्रशासन पर लापरवाही के आरोप लगाए। मुख्य बाजार में एक निर्माणाधीन इमारत में मजदूरी करने वाले विरती सूद, गांव शाहपुर खलवा पट्टी जिला खुशीनगर बिहार ने बताया कि वह परिवार के साथ शहर की भीमा देवी कॉलोनी के पास रह रहा है।
वहीं पर वह निर्माणाधीन इमारत में मजदूरी करता है। इमारत के पास से बावड़ी की पानी की नाली भीमा देवी कॉलोनी से गुजरती है। मंगलवार को वह और उसकी पत्नी दोनों काम कर रहे थे। पास में उनका दो वर्षीय बच्चा हिमांशु खेल रहा था। थोड़ी देर बाद देखा तो उन्हें अपना बच्चा नहीं दिखा। उन्होंने इधर उधर छानबीन की। लेकिन वह नहीं मिला।
लोगों ने आशंका जताई कि बच्चा नाली के पास खेल रहा था। कहीं वह इसी में तो नहीं गिर गया। पीड़ित ने बताया कि इतने में उन्हें सूचना मिली कि उनके बेटे की पानी में डूबने से मौत हो गई है। और उसका शव प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पिंजौर में है।
प्रत्यक्षदर्शी दुकानदार फूल कुमार ने बताया कि पानी की नाली उनकी दुकान के आगे से निकलती है। उसमें उन्होंने बहते बच्चे को देखा तो मौजूद युवक सोनू ने बच्चे को निकालकर तुरंत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत बता दिया। फूल कुमार ने बताया कि बच्चा करीब 300 मीटर तक पानी में बहता हुआ उसकी दुकान तक पहुंचा था।
नाली पर जंगले लगवाने की कर चुके हैं मांग
भीमा देवी कॉलोनी निवासी पहले भी नाली पर लोहे के जंगले लगवाने की प्रशासन से मांग कर चुके हैं। कॉलोनी निवासी फूल कुमार, तरसेम सिंह, सुखविंद्र सिंह, रोहताश कुमार, संजीव कुमार ने बताया कि नाली पर जंगले न होने से अक्सर बच्चे और बुजुर्ग गिरकर घायल हो चुके हैं। बावजूद इसके प्रशासन ने बहते पानी की नाली पर जंगले नहीं लगाए।