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बसों को लाने के लिए रोडवेज अधिकारियों ने झोंकी ताकत, नोकझोंक भी हुई

Sun, 18 Dec 2016 11:58 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मोहाली
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रोडवेज अधिकारियों ने झोंकी ताकत
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करोड़ों की लागत से एयरपोर्ट की तर्ज पर बनाए गए बाबा बंदा सिंह बहादुर आईएसबीटी को कामयाब बनाना सरकार के लिए चुनौती बन गया है। इसी कड़ी में बसों को बस स्टैंड तक लाने के लिए पूरी ताकत झोंक दी गई है। रविवार को छुट्टी होने के बावजूद रोडवेज के अधिकारी पुलिस को साथ लेकर फेज 6 नए बस स्टेंड पहुंचे। इन अधिकारियों ने एनएच 21 पर खड़े होकर विभिन्न राज्यों की बसों को रोककर बस स्टेंड भेजा। यह सिलसिला देर शाम तक जारी रहा। इस दौरान कई प्राइवेट और सरकारी चालकों के बीच बहस भी हुई। वहीं असली परीक्षा तो सोमवार से शुरू होगी, जब सभी सरकारी दफ्तर खुल जाएंगे। 
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जानकारी के मुताबिक रविवार को छुट्टी होने के बावजूद सुबह से ही एनएच-21 पर रोडवेज के इंस्पेक्टर, अधिकारी और पुलिसकर्मी सड़क पर खड़े हो गए थे और इस बीच जो भी बस फेज-6 से पंजाब की ओर जा रही थी, उसे रोककर नए बस स्टैंड पर भेजा गया। साथ ही पंजाब से आने वाली बसें भी इसी बस स्टैंड पर आई और यहीं से सवारियों को लेकर रवाना हुईं। यह सिलसिला देर शाम तक जारी रहा। इस बीच कई सरकारी बसों के चालकों ने अंदर जाने से मना भी किया गया पर रोडवेज के अधिकारी नहीं माने। इस बात को लेकर कई चालकों के साथ अधिकारियों की नोंक झोंक भी हुई। मौके पर मौजूद पुलिस ने मामला सुलझाते हुए बसों को स्टैंड पर भेजा। 

बस को रोका तो हुआ बवाल
रविवार को जब रोडवेज के अधिकारियों ने फेज 6 की ओर से आ रही पीले रंग की बस को रोका तो बवाल हो गया। बस का कंडक्टर उतर कर रोडवेज कर्मियों से बहस करने लगा। इस दौरान अधिकारियों और कंडक्टर के बीच काफी नोंक झोंक हुई। इस पर रोडवेज के अधिकारी ने कंडक्टर के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कह डाली। बात हाथा-पाई तक आती पुलिस ने तुरंत बस को बस स्टैंड के अंदर भेज दिया। कहा जा रहा है कि बस राजनीतिक पार्टी से सबंध रखने वाले व्यक्ति की है।
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लोकल बस न चलने से यात्री हुए परेशानी

लोकल बस न चलने से यात्री हुए परेशानी
आज होगी परीक्षा
नया बस स्टैंड शुरू होने के बाद आज सरकारी दफ्तर खुलेंगें। ऐसें में अधिकतर बसें फेज 6 नए बस स्टेंड में ही आएंगी। ऐसे में कर्मचारियों को फेज 8 स्थित अपने दफ्तरों में पहुंचने के लिए दिक्कत उठानी पड़ेगी। क्योंकि नए बस स्टेंड से फेज 8 के लिए कोई लोकल सिटी बस सर्विस नहीं है और आटो चालक मन मानी रेट वसूलेंगे। फेज 8 में पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड, पंचायत विभाग, पुडा व गमाडा, डीपीआई, डीजीएसई, नर्सिंग काउंसिल आदि कई सरकारी दफ्तर हैं। इसके अलावा एक अस्पताल भी है। साथ ही फेज 11 में पंजाब मंडी बोर्ड और सेक्टर 76 में जिला प्रशासनिक कॉम्प्लेक्स और कोर्ट भी है। 

टिकट काउंटर और एलईडी रही बंद
बस स्टैंड पर लगाए गए टिकट काउंटर रविवार को भी बंद रहे। साथ ही बस रूटों को प्रदर्शित करने वाली एलईडी भी बंद रही। इस कारण भी यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। लोगों को बसों का रूट जानने के लिए इधर-उधर भटकना पड़ा।

बसों ने पर्ची कटाई और चलते बने
रोडवेज के अधिकारियों ने जिन बसों को रोककर नए बस स्टैंड पर भेजा वह तकरीबन बाहरी राज्यों और पंजाब की सरकारी बसें थी। जो पहले ही सवारियों से फुल दिखीं। इन बस चालकों ने सिर्फ नए बस स्टेंड पर एंट्री फीस कटाई चलते बने। कोई भी बस नए बस स्टैंड पर नहीं रुकी। बस स्टेंड पर ज्यादातर प्राइवेट बसें ही खड़ी दिखाई दी। 

लोकल बस न चलने से यात्री हुए परेशानी
पंजाब से सवारियां लेकर आई बसों ने यात्रियों को नए बस स्टैंड पर उतार दिया। नए बस स्टैंड से कोई सिटी बस न चलने के कारण लोगों को  मजबूरन ज्यादा किराया खर्च करना पड़ा।
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