मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने एनडीए सरकार के पहले बजट को पुराना बताया है। उन्होंने कहा कि बजट में नया कुछ नहीं है। इससे आम आदमी किसान और मजदूर को निराशा हाथ लगी है। लोकसभा चुनाव के दौरान उन्होंने लोगों को बड़े सुनहरे सपने दिखाए थे, ‘अच्छे दिन आने वाले हैं’ का नारा दिया था। आते ही एनडीए सरकार ने रेल किराया व मालभाड़ा बढ़ाकर ‘अच्छे दिन’ का ट्रेलर दिखा दिया था और बजट में पूरी फिल्म दिखा दी है। इस बजट से लोग अपने आप को मायूस-सा महसूस कर रहे हैं।
विजन का अभाव: कैप्टन यादव
बिजली मंत्री कैप्टन अजय सिंह यादव ने कहा कि बजट में विजन का अभाव दिखाई दे रहा है। सरकार ने केवल यूपीए सरकार की ही योजनाओं को आगे बढ़ाने का प्रयास किया गया है। इसमें कुछ भी नया नहीं है।
दिशाहीन बजट: गीता भुक्कल
शिक्षा मंत्री श्रीमती गीता भुक्कल ने केन्द्र सरकार के पहले बजट को दिशाहीन बताते हुए कहा कि इस बजट में उद्यमियों को फायदा पहुंचाने के सिवा आम और गरीब आदमी के लिए कुछ भी नहीं है।
खेल विवि न देना हरियाणा का अपमान: प्रो वीरेंद्र
मुख्यमंत्री के राजनैतिक सलाहकार प्रो. वीरेन्द्र ने कहा है कि ओलंपिक हो या कॉमनवेल्थ हरियाणा सारे देश से ज्यादा मैडल अकेला जीतकर भारत माता की झोली में डालता है। लेकिन वित्त मंत्री ने बजट में खेल विश्वविद्यालय हरियाणा को न देकर मणिपुर को दिया है। यह न केवल हरियाणा के खिलाडियों का अपमान है बल्कि भाजपा की हरियाणा विरोधी मानसिकता को भी दर्शाता है।
अच्छे दिनों की शुरुआत: शर्मा
हरियाणा भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रामबिलास शर्मा ने बजट में देश के आम आदमी के लिए अच्छे दिनों की शुरूआत हो गई है। उन्होंने कहा कि बजट में रक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली-पानी के लिए कई करोड़ों का सरकार ने खर्च करने का लक्ष्य रखा है जिससे देश के आम आदमी को सीधे लाभ पहुंचेगा। उन्होंने कहा कि जहां रक्षा बजट में 2 लाखा 30 हजार करोड़ की बढ़ोतरी की गई है, महंगाई पर काबू पाने के लिए 500 करोड़ रूपए का फंड रखा गया है।
कृषि का बजट अलग से हो: भाकियू
चंडीगढ़। भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि 65 प्रतिशत आबादी खेती पर निर्भर करती है। बजट में किसानों और ग्रामीणों के लिए कुछ भी नहीं है। उन्होंने कहा कि कई गांव ऐसे हैं जहां पर सड़क और बिजली तक नहीं है। रेल बजट की तरह कृषि का बजट भी अलग से होना चाहिए।
बजट से उम्मीदें पूरी नहीं हुईं: इनेलो
इनेलो के प्रदेश अध्यक्ष अशोक अरोड़ा ने कहा कि केंद्रीय बजट से भारी उम्मीदें थी जो पूरी नहीं हो पाई। बजट में नई कृषि नीति की घोषणा किए जाने और स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशें लागू किए जाने की उम्मीद थी लेकिन इसका कहीं उल्लेख नहीं किया गया। इनेलो नेता ने कहा कि पिछले दस साल के दौरान यूपीए सरकार की गलत नीतियों के कारण देश की आम जनता महंगाई से बेहद परेशान है। लोगों को बजट में और ज्यादा राहत दी जानी चाहिए थी।