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बच्चे हो या बुजुर्ग, हर कोई है ‘PUBG’ का दीवाना, पर सेहत के काफी खतरनाक भी है

Fri, 09 Nov 2018 02:21 PM IST
रीतिका पठानियां, अमर उजाला, पंचकूला
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चाहे बच्चे हों या बुजुर्ग, हर किसी में ‘पबजी’ गेम का क्रेज देखने को मिल रहा है। लोग सोशल मीडिया पर एक्टिव रहने के बजाय ‘पबजी’ गेम में समय बिताना पसंद कर रहे हैं। गेम के दीवानों की मानें तो ‘पबजी’ से उनकी सोचने की क्षमता बढ़ रही है, लेकिन मनोरोग विशेषज्ञ इस गेम को घातक बता रहे हैं। यह एक ऐसी गेम है जिसे आप इंटरनेट की सहायता से फालतू की चीजें सर्च करने के बजाय दोस्तों के साथ ऑनलाइन इंजॉय कर सकते हैं। जब अमर उजाला ने ट्राइसिटी के लोगों से ‘पबजी’ के विषय में बातचीत की तो उनकी प्रतिक्रिया कुछ इस प्रकार सामने आई।
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क्या है‘पबजी’
‘पबजी’ इंटरनेट बेस्ड एक्शन गेम है। इसे मोबाइल, लैपटॉप या कंप्यूटर में खेल सकते हैं। ‘पबजी’ को दक्षिण कोरियाई वीडियो गेम कंपनी ब्लूहोल की एक सहायक ‘पबजी’ निगम द्वारा विकसित  किया गया है। ‘पबजी’ को अकेले या ज्यादा से ज्यादा चार साथियों के माध्यम से (टीम में) खेल सकते हैं। इसमें सैनिक की भूमिका निभाते हुए अलग-अलग क्षेत्रों में घुसकर विरोधी पक्ष को गोलियों से मार गिराकर उनका सामान इकट्ठा करना होता है। ‘पबजी’ में प्लेयर अपने साथी (अन्य स्थान पर खेल रहे प्लेयर) से बात करके उन्हें गाइड भी कर सकते हैं। हाल ही में ‘पबजी’ ने स्टूडेंट्स को 50 लाख तक का इनाम खेलने के लिए रजिस्ट्रेशन करने का मौका भी दिया, जिसकी गेम्स अभी चल रही है।

इस गेम से भाई बना बेस्ट फ्रेंड

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पंचकूला निवासी डवेन कबिन्स ने बताया कि वह रोजाना 4 से 5 घंटे ‘पबजी’ खेलते हैं। बचपन से आज तक वह अपने भाई से बहुत कम बातचीत करते थे। समझ नहीं आता था कि बात करें तो क्या? लेकिन जबसे ‘पबजी’ खेलना शुरू किया है तबसे मेरा भाई मेरा बेस्ट फ्रेंड बन गया और हम पबजी खेल कर पैसे भी कमा रहे हैं।  

इससे हो सकता आतंकवाद खत्म
‘पबजी’ प्लेयर सेक्टर-20 निवासी डिओन कबिन्स का कहना है कि पबजी एक ऐसा गेम है जिससे बहुत से लोगों की फ्रस्ट्रेशन खत्म हो जाती है। उन्हें लगता है कि यदि आतंकवादी भी पबजी खेलें तो दुनिया में आतंकवाद खत्म हो जाएगा। उन्हें अपना गुस्सा निकालने के लिए किसी व्यक्ति को मारने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी। वह ऑनलाइन भी किसी को मारकर अपनी निराशा निकाल सकते हैं। पबजी खेलते समय ऐसा महसूस होता है कि हम रियल लाइफ में सैनिक हैं और दुश्मनों को उड़ा रहे हैं।

ऑफिस के बाद रोज खेलता हूं ‘पबजी
मोहाली निवासी संदीप जयचंद शर्मा का कहना है कि वह रोज ऑफिस के बाद घर आकर ‘पबजी’ खेलते हैं। इसे खेलने के बाद उनकी दिनभर की थकान खत्म हो जाती है। उनके साथ-साथ परिवार के अन्य सदस्य व रिश्तेदार भी उन्हें ‘पबजी’ खेलने के लिए ज्वाइन करते हैं।  
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दोस्त बनी गर्ल्स प्लेयर

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मोहाली निवासी मनजोत सिंह छाबड़ा ने बताया कि उनकी कभी किसी भी लड़की से दोस्ती नहीं हुई और न ही कभी सोशल मीडिया पर बातचीत हुई। मैं अपना अधिकतर समय गेम्स खेलकर बिताता था। ‘पबजी’ के माध्यम से मेरी बहुत सी गर्ल्स प्लेयर के साथ दोस्ती हो गई है। उनके साथ मुझे गेम खेलने में और अधिक मजा आता है।

बेटे ने लौटाया बचपन
चंडीगढ़ सेक्टर-19 निवासी राजकुमार के अनुसार जबसे उन्होंने अपने बेटे के साथ ‘पबजी’ खेलना सीखा है तब से उन्हें लगता है कि उनका बचपन लौट आया है। अब वह रोजाना दोस्तों व बेटे के साथ ‘पबजी’ खेलते हैं।    

फैमिली में सब को पसंद आई गेम
चंडीगढ़ सेक्टर-29 निवासी धीरज सैनी ने बताया कि वह शुरू से ही गेम्स खेलने के शौकीन हैं। इसके लिए मेरी फैमिली हमेशा से टोकती रही है लेकिन मुझे मालूम नहीं था कि मेरे फैमिली को भी ‘पबजी’ अच्छा लगेगा। अब तो मेरी फैमिली भी मेरे साथ ‘पबजी’ खेलती है।       

पबजी सेहत के लिए खतरनाक
पंचकूला के मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. राजीव के अनुसार पबजी गेम मानव शरीर के लिए खतरनाक है। क्योंकि यह फ्रस्ट्रेशन कम करने के बजाय बढ़ाता है। एक बार जिस व्यक्ति को इस गेम की लत लग जाती है वह आसानी से इसे छोड़ नहीं सकता। इसके अलावा ‘पबजी’ के कारण व्यवहार में बदलाव, आंखों से संबधित रोग होने का खतरा बना रहता है।     

 
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