चंडीगढ़। इंसान की सभी आदतें (खानपान से लेकर कपड़े पहनने या अन्य कोई) कार्बन उत्सर्जन का कारण बनती हैं। चंडीगढ़ के लोग कितना कार्बन उत्सर्जित करते हैं, यह दिखाने के लिए पर्यावरण विभाग ने एक मोबाइल एप विकसित किया है। इसे 'कार्बनवॉच' नाम दिया गया है, जिसे मंगलवार को प्रशासक के सलाहकार मनोज परिदा ने शुरू किया।
पर्यावरण विभाग की तरफ से बनाए गए इस मोबाइल एप को डाउनलोड करने के बाद शहरवासियों को सबसे पहले पंजीकरण करना होगा। इसके लिए नाम, ईमेल आईडी, मोबाइल नंबर, पिन कोड आदि जानकारियां देनी होंगी। इसके बाद जो ई-मेल आईडी दी गई होगी, उस पर ओटीपी आएगा। सत्यापन की प्रक्रिया को पूरा करने के बाद एप कई तरह की जानकारियां मांगेगा। इसमें हर महीने औसतन कितने यूनिट पानी का इस्तेमाल करते हैं, कितना बिजली इस्तेमाल करते हैं, खाना बनाने के लिए एलपीजी का इस्तेमाल करते हैं या गैस पाइप लाइन का, कार या बाइक कितने किमी चलाते हैं, बस, ऑटोरिक्शा, प्लेन आदि में कितना सफर करते हैं, घर का सूखा व गीला कूड़ा अलग-अलग करते हैं या नहीं, जैसी कई जानकारियों को एकत्रित करने के बाद मोबाइल एप बताता है कि आप कितना कार्बन उत्सर्जित करते हैं। पर्यावरण विभाग के निदेशक देबेंद्र दलाई ने बताया कि यह एप कार्बन उत्सर्जन कम करने के तरीके भी बताएगा। इस एप को प्ले स्टोर पर कार्बनवॉच सर्च कर डाउनलोड किया जा सकता है।
ऐसे कम कर सकते हैं कार्बन उत्सर्जन
हर काम के लिए ऊर्जा की जरूरत पड़ती है और इससे कार्बन डाइऑक्साइड गैस निकलती है, जो धरती को गर्म करने वाली सबसे अहम गैस है। हम दिन, महीने या साल में जितनी कार्बन डाइऑक्साइड पैदा करते हैं, वह हमारा कार्बन उत्सर्जन है। इसे कम से कम रखकर ही पृथ्वी को जलवायु परिवर्तन के प्रकोप से बचाया जा सकता है। सौर, पवन ऊर्जा के अधिक इस्तेमाल और पौधरोपण आदि से कार्बन उत्सर्जन में कमी लाई जा सकती है। अपने कार्बन उत्सर्जन में कमी घर में बिजली इस्तेमाल में किफायत से, एलईडी बल्बों के इस्तेमाल से लाई जा सकती है। अपने बर्तनों को हाथ से धोकर, उन्हें खुले वातावरण में रखकर सुखाएं। ग्लास, धातुओं, प्लास्टिक और कागज को एकाधिक बार इस्तेमाल में लाएं। अपने रेफ्रिजरेटर की रफ्तार धीमी रखें। घर की दीवारों पर हल्के रंग का पेंट भी इसमें मददगार होता है।