फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जेजेपी में रार बरकरारः रामकुमार गौतम बोले- मैं टिकट मांगने नहीं गया, घर आकर जबरदस्ती दिया

Wed, 15 Jan 2020 01:15 AM IST
ajay kumar संवाद न्यूज एजेंसी, नारनौंद (हरियाणा)
विज्ञापन
विधायक रामकुमार गौतम, दुष्यंत चौटाला।
विज्ञापन

मैं उनमें से नहीं हूं, जो अलग पार्टी भी बना लेते हैं और इस्तीफा भी नहीं देते। मैंने जब बीजेपी छोड़ी थी तो मेरे विधायक का एक साल का समय बाकी था। मैंने पार्टी छोड़ते ही विधायक पद से इस्तीफा दे दिया था। कुछ लोग ऐसे हैं, जिन्होंने पार्टी भी छोड़ दी। अपनी अलग पार्टी भी बना ली और उसके बावजूद विधायक व सांसद बने रहे। मैं जिस दिन पार्टी छोड़ूंगा, उसी दिन विधायक पद से भी इस्तीफा दे दूंगा। 

विज्ञापन


यह बात नारनौंद के जजपा विधायक रामकुमार गौतम ने गोशाला डाटा में मकर संक्रांति के कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों से बातचीत में कही। कार्यक्रम में बिजली मंत्री रणजीत सिंह और बरवाला विधायक जोगीराम सिहाग भी मौजूद थे। विधायक गौतम का इशारा दुष्यंत चौटाला और उनकी मां नैना चौटाला की ओर था, हालांकि उन्होंने किसी का नाम लिए बिना यह बात कही। 

जननायक जनता पार्टी मेरे द्वारा खड़ी की गई पार्टी
गौतम ने कहा कि विधायक तो इन्होंने बनवाया हूं लेकिन हमने नारनौंद सहित उसके साथ लगती सीटों उचाना, जुलाना, बरवाला, उकलाना व नरवाना सीटों पर पार्टी की अच्छी मदद की। जननायक जनता पार्टी मेरे द्वारा खड़ी की गई पार्टी है और मैं पार्टी में हूं। मैं किसी के पास टिकट मांगने नहीं गया था। मुझे घर आकर जबरदस्ती टिकट दिया गया था और कहा था कि आप नारनौंद हलके को संभालो। 

विज्ञापन
विज्ञापन

मैंने ईमानदारी की राजनीति की है और कैप्टन अभिमन्यु से मेरा कोई विरोध नहीं है। कैप्टन अभिमन्यु मेरा अजीज है। इसमें कैप्टन का कोई कसूर नहीं। मेरी व उसकी पार्टी अलग है। मेरा चुनाव जाटों ने पूरी ताकत से लड़कर मुझे जितवाया है। मेरे प्रतिद्वंद्वी को तो ढाई किलो का हाथ भी नहीं जितवा पाया। मैं मंत्री न बनूं, उसके लिए वह कोशिश क्यों नहीं करेगा और उसे कोशिश करनी भी चाहिए। 

न किसी से बातचीत हुई और न करूंगा
दुष्यंत चौटाला से नाराजगी को लेकर कोई मुलाकात या बातचीत पर पूछे सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि मैंने किसी से कोई मुलाकात नहीं की और न ही मेरी किसी से कोई बातचीत हुई है और न ही मैं किसी से कोई बातचीत करूंगा।

मुझे मंत्री बनने का नहीं था कोई लालच
गौतम ने कहा कि मेरा इनसे कोई गिला-शिकवा नहीं है। मुझे अपने हलके की जनता की चिंता है, जिसे मुझसे बहुत उम्मीदें हैं। मुझे भी इस बात का मलाल है कि मैं उनके काम नहीं करवा पाया। बहुत बड़ी गलती कर दी, इस उम्र में चुनाव लड़कर। मुझे मंत्री बनने का न कोई लालच था और न ही आगे कोई लालच रखूंगा।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें