यह था पूरा मामला
गौरतलब है कि एक जून को टोहाना के शहर थाना रोड पर गए विधायक देवेंद्र सिंह बबली की गाड़ी रोककर किसानों ने उनके खिलाफ नारेबाजी की थी। इस दौरान विधायक और कुछ किसानों के बीच गाली-गलौज हुई थी। विधायक ने भी कुछ युवा किसानों को अपशब्द बोले थे।
वहीं किसानों ने भी विधायक के साथ गाली-गलौज की। इसी दिन दोपहर बाद नागरिक अस्पताल में एक्स-रे मशीन व दिव्यांगों के लिए वैक्सीन शिविर का उद्घाटन करने गए विधायक बबली का घेराव कर किसानों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया था। इस दौरान किसानों की लाठी से विधायक की गाड़ी के शीशे टूट गए थे। उनके निजी सचिव राधेश्याम को भी गर्दन पर चोट आई थी। इसके बाद अगले दिन गुरनाम सिंह चढूनी के नेतृत्व में किसानों ने टोहाना में विरोध प्रदर्शन किया।
प्रशासन से बातचीत में विधायक को माफी मांगने या उनके खिलाफ केस दर्ज करने के लिए 6 जून की शाम तक का समय दिया गया था। मगर इसी बीच कुछ किसानों द्वारा विधायक के घर के घेराव का निर्णय लिया गया। घेराव करने जा रहे 27 किसानों को पुलिस ने हिरासत में लिया था। इसमें से दो किसान नेताओं रवि आजाद और विकास सीसर को गिरफ्तार करके हिसार जेल भेज दिया गया था। इसी से मामला और बिगड़ गया।