एक संगठन के कार्यकर्ता की बेटी को समुदाय विशेष के युवक द्वारा अगवा करने के मामले में नया मोड़ गया है। बताया जा रहा है कि कुछ दिनों पहले परिजनों द्वारा आरोपी युवक से छुड़ाई गई युवती को पौंटासाहिब में किसी रिश्तेदारी में रखा हुआ था, लेकिन वहां से भी युवती फरार हो गई थी। वह आरोपी युवक के साथ उत्तराखंड के हरिद्वार जिले के बिहारीगढ़ स्थित एक मस्जिद में छिपी हुई थी। परिजनों को जब इसका पता चला तो उन्होंने उत्तराखंड पुलिस के साथ वहां पर दबिश दी।
पुलिस ने वहां से युवती को बरामद कर हरियाणा पुलिस के हवाले कर दिया। हालांकि पुलिस अभी युवती के बरामद होने की पुष्टि नहीं कर रही है। पंचकूला स्थित एक मदरसे में निकाह करने के बाद बीती 17 जून को जब युवती व आरोपी युवक सुरक्षा याचिका की सुनवाई के लिए कोर्ट में जा रहे थे तभी कुछ लोगों ने युवती को आरोपी युवक से छुड़ा लिया था। आरोप था कि युवक से मारपीट कर युवती को परिजन साथ ले गए थे। इस संबंध में न तो परिजन बात करने को तैयार थे और न ही पुलिस के पास युवती के बारे में कोई जानकारी थी।
पुलिस भी युवती के बारे में कोई जानकारी होने से मना कर रही थी। बताया जा रहा है कि परिजनों ने युवती को पौंटासाहिब में स्थित किसी रिश्तेदारी में रखा हुआ था। इसका पता आरोपी युवक को भी चल गया। बताया जाता है कि दो दिन पहले युवती वहां से भी फरार हो गई और वह बिहारीगढ़ चली गई। यहां उसे एक मस्जिद में छिपाया हुआ था। परिजनों को पता चला तो वे शुक्रवार को पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। लेकिन वहां केवल युवती ही मिली, जबकि आरोपी युवक कहीं छिप गया। इसके बाद उत्तराखंड पुलिस ने युवती को हरियाणा पुलिस के हवाले कर दिया।