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अधूरा रह सकता है मिस वर्ल्ड मानुषी छिल्लर का डॉक्टर बनने का सपना, आगामी परीक्षा पर लगा बैन

Thu, 12 Jul 2018 09:41 AM IST
अंकित चौहान/अशोक शर्मा, अमर उजाला, सोनीपत/गोहाना
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मिस वर्ल्ड मानुषी छिल्लर
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मिर्स वर्ल्ड मानुषी छिल्लर के सामने डॉक्टर बनने के लिए परेशानी खड़ी हो गई है। क्योंकि मानुषी छिल्लर ने दूसरे प्रॉस के एग्जाम छोड़ दिए हैं, जिस पर अब भगत फूल सिंह महिला मेडिकल कालेज खानपुर में आगे के एग्जाम देने पर बैन लग गया है। अब उन्हें आगे एग्जाम में शामिल होने के लिए पीजीआई में पत्र देना होगा। इसके बाद वहां से आगे एग्जाम में बैठने को लेकर फैसला किया जाएगा। यह भी तब हो सकता है, जब मानुषी को हर प्रॉस में थ्योरी में 75 प्रतिशत व प्रैक्टिकल में 80 प्रतिशत उपस्थिति करनी होगी।
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देश को 17 साल बाद मिस वर्ल्ड का खिताब दिलाने वाली मानुषी छिल्लर ने पहला प्रॉस पूरा कर लिया था और जब वह मिस वर्ल्ड के लिए गई थीं तो उस समय दूसरा प्रॉस शुरू हो गया था। उस समय मानुषी की ओर से पत्र देकर छुट्टी ली गई थीं। मानुषी छिल्लर मिस वर्ल्ड बनने के बाद अभी तक कॉलेज नहीं आई हैं। वहीं कालेज नहीं आने का कोई पत्र भी अभी तक नहीं दिया। अब मानुषी ने अपने एग्जाम छोड़ दिए हैं, जिनमें जनवरी 18 में हुए प्रॉस एग्जाम व अप्रैल-मई में हुए सप्लीमेंट्री एग्जाम शामिल हैं।

एग्जाम को लेकर मानुषी की ओर से कालेज प्रशासन को कोई पत्र नहीं भेजा गया है। इसको देखते हुए ही कालेज की ओर से मानुषी को आगे भी एग्जाम देने से रोक दिया जाएगा, क्योंकि इस तरह बिना सूचना के एग्जाम छोड़ने व कालेज नहीं आने वालों को कालेज प्रशासन की ओर से आगे एग्जाम देने की अनुमति नहीं दी जा सकती है।
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मानुषी छिल्लर की ओर से कॉलेज में कोई लिखित सूचना नहीं दी गई है। उन्होंने जनवरी 18 के एग्जाम के साथ ही अप्रैल-मई में हुए सप्लीमेंट्री एग्जाम भी छोड़ दिए हैं। अब मानुषी कालेज में सीधे आकर एग्जाम नहीं दे सकती हैं और इस तरह एग्जाम छोड़ने वालों का मामला यूनिवर्सिटी स्तर पर पहुंच जाता है। उन्हें आगे एग्जाम देने हैं तो पीजीआई से अनुमति लेनी होगी। - डा. एपीएस बत्रा, डायरेक्टर मेडिकल कॉलेज

मेरे पास मानुषी छिल्लर का कोई केस नहीं आया है। किसी भी एमबीबीएस विद्यार्थी को मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया के नियमों की पालना करनी होती है। इसी के आधार पर वह परीक्षा दे सकता है। इसके लिए 75 फीसदी हाजिरी व इंटरनल परीक्षा में 35 फीसदी मूल्यांकन जरूरी होता है। इसके बाद कॉलेज के डीन व डायरेक्टर को तय करना होता है कि विद्यार्थी परीक्षा देगा या नहीं, परीक्षा के लिए कॉलेज से अनुमति जरूरी होती है। - डॉ. ओपी कालरा, कुलपति, यूएचएसआर
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