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कोर्ट में साबित नहीं हुआ आरोप, नाबालिग का किडनैपर बरी

Sat, 28 May 2016 01:28 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/चंडीगढ़
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कोर्ट - फोटो : demo pics
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17 वर्षीय नाबालिग के अपहरण के मामले में पुलिस आरोपी के खिलाफ कोर्ट में सबूत पेश नहीं कर सकी, इस कारण अदालत को उसे सबूतों के अभाव में बरी करना पड़ा। सेक्टर-36 थाना पुलिस ने पिछले साल अक्तूबर में सेक्टर-52 निवासी मनोज के खिलाफ अपहरण की धाराओं में केस दर्ज किया था। शहर निवासी एक नाबालिग के पिता ने 17 अक्तूबर, 2015 को पुलिस में शिकायत दी थी।
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उनका कहना था कि सुबह वह और उनकी पत्नी काम पर चले गए थे। दिन में उनके किसी रिश्तेदार का फोन आया कि वह किसी काम से उनके घर आए थे, लेकिन वहां कोई नहीं था। इस पर उन्होंने अपनी बेटी को फोन किया तो उसका फोन स्विच ऑफ था। इस पर वह घर आए तो उनकी बेटी लापता थी।

काफी देर तलाश करने पर उन्हें पता चला कि उनकी बेटी को सेक्टर-52 में रहने वाला मनोज अपहरण कर ले गया है। इस पर पुलिस ने मनोज के खिलाफ नाबालिग के अपहरण का केस दर्ज किया था। इसके बाद 19 फरवरी, 2016 को पुलिस ने मनोज को सेक्टर-43 स्थित आईएसबीटी से गिरफ्तार किया था। उसके पास से नाबालिग भी मिल गई थी।
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बचाव पक्ष की ओर से केस की पैरवी कर रहीं एडवोकेट प्रतिभा भंडारी के अनुसार, पुलिस ने मनोज के खिलाफ झूठा केस बनाया था। पुलिस का कहना था कि उन्होंने आरोपी को आइएसबीटी से गिरफ्तार किया था, जहां नाबालिग उसके पास मिली थी। वहीं नाबालिग ने कोर्ट में बताया था कि वह अपने परिजनों से नाराज होकर खुद घर से चली गई थी और बाद में घर लौट आई थी। वहीं शिकायतकर्ता पिता का कहना था कि पुलिस ने उससे कोरे कागज पर साइन करवाए थे। 
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