सरकारी प्रवक्ता के अनुसार, इस खामी को खत्म करने के लिए मंत्रिमंडल ने धारा 2-सी को फिर से कानून में शामिल करने का फैसला किया है। इसके अधीन केवल वेतन और भत्तों पर मंत्रियों द्वारा आयकर का भुगतान खुद किया जाएगा न कि अन्य सुविधाओं और लाभों पर।
प्रस्तावित धारा के अनुसार मंत्रियों को मिलता मुफ्त तैयार घर और अन्य पर आयकर का भुगतान सरकार की तरफ से किया जायेगा। प्रवक्ता के अनुसार ‘दी ईस्ट पंजाब मिनिस्टर्स सैलरीज एक्ट, 1947’ के संशोधित बिल का मसौदा सदन में रखा जाएगा।
गौरतलब है कि 1947 से पंजाब सरकार मंत्रियों के वेतन/भत्तों और अन्य सुविधाओं पर टैक्स का भुगतान करती आ रही है। लेकिन कैप्टन अमरिंदर सिंह सरकार ने पिछले साल कानून में संशोधन करने का फैसला लिया था।
धारा-2 सी के तहत मुख्यमंत्री, मंत्री, उप-मंत्रियों और विपक्ष के नेता के वेतन, भत्तों, मुफ्त तैयार घर और अन्य पर आयकर का भुगतान राज्य सरकार करती थी। खास बात यह भी है कि विधायकों के वेतन और भत्तों पर आयकर अभी तक राज्य सरकार अदा करती है।