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मंत्रियों को सरकारी सुविधाओं पर नहीं देना होगा आयकर, मंत्रिमंडल ने कानून में संशोधन को दी हरी झंडी

Tue, 06 Aug 2019 01:06 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह - फोटो : अमर उजाला
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पंजाब विधानसभा में प्रस्तावित बिल के पास हो जाने के बाद राज्य के मंत्रियों और विपक्ष के नेता को वेतन व अन्य भत्तों पर तो आयकर खुद देना होगा लेकिन उन्हें मिल रही सुविधाओं पर उन्हें आयकर नहीं देना पड़ेगा। यह फैसला पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की अध्यक्षता में सोमवार को हुई मंत्रिमंडल की मीटिंग में लिया गया। 

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इसमें मंत्रिमंडल के 19 मार्च, 2018 के फैसले के कारण पैदा हुई खामियों का निराकरण करने का फैसला किया गया है। हालांकि मुख्यमंत्री ने पहले मंत्रियों के वेतन और भत्तों संबंधी आयकर का बोझ उन्हीं पर डालने का फैसला लिया था और जरूरी संशोधन करते हुए ‘दी ईस्ट पंजाब मिनिस्टर्स सैलरी एक्ट, 1947’ की समूची धारा-2 सी हटा दी थी।

इसके परिणामस्वरूप सभी मंत्रियों आदि को मिल रहे सभी सरकारी सुविधाएं भी आयकर के दायरे में आ गई थी। इस कारण कुछ मामलों में आयकर की देनदारी वेतन की अपेक्षा बढ़ गई थी।

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सरकारी प्रवक्ता के अनुसार, इस खामी को खत्म करने के लिए मंत्रिमंडल ने धारा 2-सी को फिर से कानून में शामिल करने का फैसला किया है। इसके अधीन केवल वेतन और भत्तों पर मंत्रियों द्वारा आयकर का भुगतान खुद किया जाएगा न कि अन्य सुविधाओं और लाभों पर। 

प्रस्तावित धारा के अनुसार मंत्रियों को मिलता मुफ्त तैयार घर और अन्य पर आयकर का भुगतान सरकार की तरफ से किया जायेगा। प्रवक्ता के अनुसार ‘दी ईस्ट पंजाब मिनिस्टर्स सैलरीज एक्ट, 1947’ के संशोधित बिल का मसौदा सदन में रखा जाएगा।

गौरतलब है कि 1947 से पंजाब सरकार मंत्रियों के वेतन/भत्तों और अन्य सुविधाओं पर टैक्स का भुगतान करती आ रही है। लेकिन कैप्टन अमरिंदर सिंह सरकार ने पिछले साल कानून में संशोधन करने का फैसला लिया था।

धारा-2 सी के तहत मुख्यमंत्री, मंत्री, उप-मंत्रियों और विपक्ष के नेता के वेतन, भत्तों, मुफ्त तैयार घर और अन्य पर आयकर का भुगतान राज्य सरकार करती थी। खास बात यह भी है कि विधायकों के वेतन और भत्तों पर आयकर अभी तक राज्य सरकार अदा करती है। 
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