बाद में तीनों आरोपी फरार हो गए थे। पुलिस ने केस दर्ज कर सारी जानकारी पड़ोसी राज्यों से शेयर की। फोन लोकेशन व डिजिटल सबूतों के आधार पर हरियाणा पुलिस के ज्वाइंट ऑपरेशन के तहत आरोपियों को पानीपत से ऑडी में भागते हुए काबू किया गया। वह दिल्ली या यूपी भागने की फिराक में थे।
वार्किंग स्ट्रीट होगा बंद, नहीं जारी होगी एनओसी
एसएसपी ने बताया कि फेज-11 स्थित वाकिंग स्ट्रीट क्लब को पुलिस ने घटना के बाद बंद कर दिया था। वहीं, अब क्लब पक्के तौर पर सील कर दिया जाएगा, क्योंकि आने वाले समय में पुलिस की तरफ से क्लब को एनओसी जारी नहीं की जाएगी। एनओसी न मिलने की स्थिति में क्लब नहीं चल सकता है। जिक्रयोग है कि गत साल भी इस क्लब पर पुलिस ने रेड मारकर केस दर्ज किया था।
डीएसपी व एसएचओ होंगे जिम्मेदार
एसएसपी ने बताया कि अब अगर तय समय के बाद डिस्को थेक चलेंगे तो इसके लिए संबंधित इलाके के डीएसपी व एसएचओ जिम्मेदार होंगे। नियम टूटने की स्थिति में उन पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि डिस्को थेक नियमों को न तोड़ें, इसके लिए पुलिस टीमें गठित की गई हैं, जो इन पर नजर रखेंगी।
गैंगस्टरों से संबंध भी जांच रही पुलिस
कमांडो की हत्या में जो तीन आरोपी पुलिस ने पकड़े हैं, उनके गैंगस्टरों से संबंध की भी पुलिस जांच कर रही है। सूत्रों से पता चला है कि पुलिस ने आरोपियों का अदालत में रिमांड लेने के लिए यह तर्क रखा था। उनका कहना था कि आरोपियों के बारे में प्रत्येक चीज की गहराई से जांच की जा रही है।
यह है आरोपियों का इतिहास
एसएसपी ने बताया कि मुख्य आरोपी चरनजीत सिंह मूलरूप से अमृतसर का रहने वाला है। वह सुनार का काम करता था, जबकि अब चंडीगढ़ के सेक्टर-9 में स्कैरी स्ट्रीट क्लब चलाता है। उसका साथी अशीष कुमार मूलरूप से मुक्तसर का रहने वाला है, जबकि अतुल रोपड़ का। वह दोनों ट्राइसिटी में ब्रोकर का काम करते हैं। वह लोगों को दुकान, मकान किराए पर दिलवाते हैं। यह तीनों इकट्ठे ही चंडीगढ़ सेक्टर-21बी के मकान में रहते हैं।