हरियाणा के मंत्री, अफसर, विभागीय प्रमुख और मुख्यमंत्री के ओएसडी अब सरकारी गाड़ियों का मजा नहीं ले सकेंगे। इनको निजी यात्रा (नॉन आफिशियल) के लिए हर माह पहले 400 किमी के लिए 400 रुपये का भुगतान करना पड़ेगा। इनमें घर से कार्यालय आना-जाना भी शामिल होगा।
मुख्य सचिव के सरकुलर जारी करने के बाद 22 जनवरी से यह आदेश लागू कर दिए गए हैं। नए आदेश के मुताबिक हर माह के अंत में इसका नकद भुगतान करना होगा। 400 किलोमीटर से ज्यादा के निजी सफर के लिए चार रुपये प्रति किलोमीटर के हिसाब से चार्ज किया जाएगा।
नकद भुगतान नहीं करने पर यह राशि वेतन में से काट ली जाएगी। प्रदेश में अभी तक मंत्री और अफसर अपने निजी कार्य में सरकारी गाड़ियों को इस्तेमाल करते रहे हैं। यह कदम प्रदेश सरकार ने खर्च को कम करने के लिए उठाया है।
इसके साथ ही प्रदेश सरकार उन अधिकारियों के वाहनों के रेट में भी बदलाव कर रही है, जो अफसर अपने निजी वाहनों का प्रयोग ऑफिशियल काम के लिए कर रहे हैं। इस समय दो रुपये प्रति किमी के हिसाब से भुगतान किया जा रहा है, जिसे सरकार दोगुना करने पर विचार कर रही है।