पंजाब विधानसभा के बजट सत्र के दौरान सोमवार को सदन से दो मंत्रियों के गैर-हाजिर रहने के कारण विधायकों के पांच सवालों को अगले दिन के लिए टाल दिया गया। हालांकि करीब 16 विधायक भी प्रश्नकाल के दौरान सदन में देरी से पहुंचे। मंत्रियों और विधायकों की गैरहाजिरी से विधानसभा स्पीकर कुलतार सिंह संधवां काफी नाराज हुए।
स्पीकर ने संसदीय कार्य मंत्री डॉ. इंद्रबीर सिंह निज्जर से कहा कि वह अपने मंत्रियों से बात करें कि प्रश्नकाल के दौरान मंत्रियों का सदन में उपस्थित रहना जरूरी है ताकि विधायकों द्वारा उठाए गए सवालों के जवाब मिल सकें। साथ ही प्रश्नकाल की मर्यादा भी बनी रहे। डॉ. निज्जर ने स्पीकर को भरोसा दिलाया कि वह मंत्रियों से बात करेंगे। स्पीकर ने सदन में कहा कि मंत्री और विधायक अपनी हाजिरी यकीनी बनाएं। किसी मंत्री को अगर बहुत जरूरी काम है तो वह अपने स्थान पर किसी अन्य मंत्री को विधायकों के सवालों के जवाब देने के लिए अधिकृत करके ही जाएं।
गौरतलब है कि सोमवार को सदन की कार्यवाही शुरु हुई तो स्पीकर ने सबसे पहले प्रश्नकाल की अनुमति दी लेकिन इस समय शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस, रक्षा सेवाएं कल्याण मंत्री चेतन सिंह जोड़ामाजरा समेत करीब डेढ़ दर्जन विधायक उपस्थित नहीं थे। हालांकि इस समय सदन के नेता व मुख्यमंत्री भगवंत मान भी नहीं पहुंचे थे। वहीं, विपक्ष के बैंचों पर अकाली दल की विधायक गनीव कौर मजीठिया गैरहाजिर थीं। मंत्रियों की गैरहाजिरी की तरफ स्पीकर का ध्यान उस समय गया जब विधायक बलकार सिंह को सवाल पूछने के लिए आवाज लगाई गई। तब पता चला कि विधायक बलकार सिंह सदन में मौजूद नहीं थे जबकि उनके सवाल का जवाब देने के लिए लोक निर्माण मंत्री मौजूद थे।