हरियाणा में खनन माफिया की सक्रियता की कहानी आंकड़े बता रहे हैं। वित्त वर्ष 2019-20 में अवैध खनन में संलिप्त 2020 वाहन पकड़े गए, इन पर 21.65 करोड़ रुपये जुर्माना लगाया और 211 एफआईआर दर्ज की गईं। साल 2020-21 में ऐसे 3515 वाहन पकड़े, 82.77 करोड़ रुपये जुर्माना किया और 539 एफआईआर दर्ज की गईं।
वित्त वर्ष 2021-22 में अवैध खनन में इस्तेमाल किए जा रहे 2192 वाहन पकड़कर उन पर 29.40 करोड़ रुपये जुर्माना ठोका गया। साथ ही 977 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं। ये मामले उन जिलों के हैं, जहां पर खनन होता है। नियमों को ताक पर रख कर पंचकूला में घग्घर और टांगरी नदी में अवैध खनन हो रहा है, जबकि यमुना किनारे के जिले यमुनानगर, करनाल, पानीपत, सोनीपत और गुरुग्राम, फरीदाबाद, पलवल, भिवानी और महेंद्रगढ़ में पहाड़ी क्षेत्र में अवैध खनन के मामले सामने आ रहे हैं। स्थानीय लोगों की शिकायतों के बाद भी प्रदेश में अवैध खनन रुक नहीं पा रहा है।
पुलिस पर हमले की पहले भी हो चुकी वारदातें
खनन क्षेत्रों में माफिया के लोग इससे पहले भी कई वारदात कर चुके हैं। जनवरी 2014 में यमुनानगर में खनन माफिया के लोग पुलिस से जबरन अपनी गाड़ियों को छुड़ा ले गए थे। इसके अलावा, यहां पर कई बार पुलिस पर हमला किया जा चुका है। जुलाई 2018 में पलवल में यमुना नदी से अवैध खनन कर चोरी से रेत ले जाने वाले खनन माफिया के गुर्गों ने पुलिस पर हमला कर दिया था। इस दौरान खनन माफिया ने पुलिस कर्मियों पर गाड़ी चढ़ाने का भी प्रयास किया था और पुलिस की सरकारी गाड़ी को टक्कर मारकर भाग निकाला था।
हमने अवैध खनन करने वालों पर सैकड़ों एफआईआर कराई हैं। साथ ही हजारों की संख्या में डंपर, जेसीबी भी सील किए हैं। इसके अलावा, नियमों के खिलाफ काम करने पर करोड़ों रुपये के चालान किए गए हैं। अवैध खनन पर सरकार सख्ती से काम कर रही है। अवैध खनन प्रदेश में बर्दास्त नहीं किया जाएगा।
- मूल चंद शर्मा, खनन मंत्री, हरियाणा।
इस मामले पर एनजीटी संज्ञान लेगी। अगर एनजीटी मामले की जांच के लिए कहेगी तो यकीनन जांच की जाएगी। इससे पहले डाडम मामले में भी जांच करके सरकार को रिपोर्ट सौंपी जा सकती है।
- जस्टिस प्रीतम पाल, चेयरमैन, एनजीटी की हरियाणा निगरानी समिति।
अधिकारियों पर हुए हमले
- 2010 में यमुनानगर के बिलासपुर में तत्कालीन एसडीएम अश्वनी मैंगी पर खनन क्षेत्र में हमला
- 2011 में तत्कालीन माइनिंग फाइनेंस कमिश्नर युद्धवीर सिंह व अन्य पर मांडेवाला के पास पथराव
- 2011 में प्रतापनगर के तत्कालीन एसएचओ पर बांबेपुर गांव में जानलेवा हमला
- 2014 कलनौर चौकी के तत्कालीन प्रभारी अशोक कुमार व कांस्टेबल बलवान सिंह पर हमला
- 2015 एसडीएम प्रेमचंद व सिटीएम नवीन आहूजा पर जगाधरी में झोटा चौक पर ट्रक चढ़ाने का प्रयास किया
- 2015 जाट्टोवाला में डीडीपीओ गगनदीप सिंह पर माफिया द्वारा ट्रक चढ़ाने का प्रयास किया
- 2020 में साढौरा में एडीसी कम आरटीए सचिव रणजीत कौर के गनमैन पर पिस्तौल तानी, ट्रक छुड़वाया