फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रेलवे को प्रॉपर्टी बचाने को देने होंगे लाखों

Sat, 21 Dec 2013 01:34 AM IST
अमर उजाला मोहाली
विज्ञापन
विज्ञापन
गांव घंड़ूआं के कई किसानों की जमीन कुछ समय पहले रेलवे ने नई लाइन डालने के लिए एक्वॉयर की थी। लेकिन, उस समय जमीन का मुआवजा किसानों को दिया गया था। कुछ किसानों ने उसे कम बताकर जिला अदालत में केस दायर किया था। फिर अदालत ने किसानों को बढ़ाकर मुआवजा जारी करने के आदेश रेलवे को दिए थे। लेकिन, इसके बाद भी रेलवे ने किसानों को बनता मुआवजा नहीं चुकाया। जिसके बाद जिला अदालत ने कड़ा नोटिस लेते हुए रेलवे की प्रॉपर्टी अटैच करने के आदेश जारी किए हैं। प्रॉपर्टी अटैच करने संबंधी आदेश रेलवे अधिकारियों को सौंप दिए गए हैं। मामले की अगली सुनवाई 4 जनवरी 2014 रखी गई है।
विज्ञापन


कोर्ट ने रेलवे का मोहाली स्टेशन का सारा सामान जिसमें ऑफिस फर्नीचर, टेबल, अलामारियां, एसी, फोटो स्टेट मशीन। चीफ इंजीनियर कंस्ट्रक्शन-2 का ऑफिस, सरकारी कार, न्यू रेलवे स्टेशन की बिल्डिंग व रेलवे क्वार्टरों को अटैच करने के आदेश जारी किए हैं। जानकारी के मुताबिक, रेलवे द्वारा 2004 में जमीन एक्वॉयर करने संबंधी प्रक्रिया शुरू की गई थी। जबकि 2009 में जमीन का अवार्ड घोषित किया गया। इसमें किसानों को प्रति एकड़ करीब साढ़े चार लाख रुपये मुआवजा दिया गया था। लेकिन आठ किसानों ने इसे कम बताकर पहले एसडीएम कोर्ट खरड़ में याचिका कर मुआवजा बढ़ाने की अपील की थी। इसके बाद यह केस जिला अदालत में पहुंच गया। यहां पर किसानों की सारी दलीलें सुनने के बाद जिला अदालत ने रेलवे को मुआवजा राशि बढ़ाकर भरने के आदेश दिए थे। लेकिन, तय समय अवधि में रेलवे ने किसानों का भुगतान नहीं किया। इसके बाद प्रॉपर्टी अटैच के आदेश जारी किए गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें