शहर के विकास पर आने वाले साल में नगर निगम द्वारा करोड़ों रुपये खर्च किए जाएंगे। नगर निगम ने साल-2014-15 के लिए अपना प्रस्तावित बजट तैयार कर लिया है, जो कि इस बार 85.5 करोड़ रखा गया है।
प्रस्तावित बजट गत वर्ष से 20 फीसदी अधिक है। निगम अधिकारियों ने बजट मंजूरी के लिए स्थानीय निकाय विभाग को भेज दिया है।
जानकारी के मुताबिक निगम को इस बार सबसे ज्यादा आमदनी वैट से होने वाली की है। करीब 50 करोड़ रुपये वैट से निगम के खाते में आएंगे। जबकि प्रॉपर्टी टैक्स से 20 करोड़ का आने की उम्मीद है। इलेक्ट्रसिटी से कर के रूप में 5.50 करोड़ एवं विज्ञापन से 5 करोड़ निगम को मिलेंगे।
जबकि वॉटर सप्लाई व सीवरेज से 1.20 करोड़ रुपये मिलेंगे। जबकि गत वर्ष यह राशि 1.30 करोड़ थी। वहीं, बजट राशि का 74 प्रतिशत विकास कार्य पर खर्च किया जाएगा। जो कि करीब 63.30 करोड़ बनता है। जबकि निगम द्वारा अपने खर्चों पर 18 करोड़ खर्च किए जांएगे। जबकि आपात राशि में 3.4 करोड़ रखे गए हैं।
सिटी बस सेवा पर खर्च होंगे दो करोड़
निगम ने इस साल में शहरवासियों के लिए सिटी बस योजाना शुरू करने की दिशा में काम शुरू कर दिया है। बजट में इसके लिए भी विशेष प्रावधान किया गया है। सिटी बस सर्विस के लिए दो करोड़ रुपये की राशि बजट में रखी गई है। इसके अलावा विभिन्न प्रोजेक्टों की कसल्टेंसी सर्विस पर दो करोड़ खर्च किए जाएंगे।
सड़कों के लिए 13.80 करोड़ निर्धारित
निगम ने सड़कों की मरम्मत व मजबूती के लिए इस साल 13.80 करोड़ का बजट का प्रावधान किया है। जबकि लगभग 8 करोड़ रुपये की राशि फुटपॉथों की रिपेयर, चार करोड़ की राशि स्ट्रीट लाइटों के बिल, 7.5 करोड़ की राशि ट्यूबवेल के बिल, तीन करोड़ की राशि वाटर सप्लाई व सीवरेज के लिए निर्धारित की गई है। जबकि सात करोड़ रुपये की राशि सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्रोजेक्ट के लिए निर्धारित की है।
बीस नए क्लर्क भरती करने की योजना
इस साल निगम ने 20 क्लर्क कम डॉटा एंट्री ऑपरेटर रखने की भी योजना बनाई है। इसके लिए स्थानीय निकाय विभाग से मंजूरी मांगी गई है। जबकि निगम ऑफिस व अन्य संपत्ति की सुरक्षा के लिए 12 सिक्योरिटी गार्ड रखने की भी योजना तैयार की गई है।
पिछले वर्ष का बजट नहीं हुआ खर्च
नगर निगम गत वर्ष पास हुआ बजट भी अभी तक पूरा नहीं खर्च पाया है। गत वर्ष 50.64 करोड़ रुपये विकाय कार्यों पर खर्च करने की योजना बनाई गई थी। जिसमें से निगम अभी 24.57 करोड़ ही दिसंबर तक खर्च पाया था। ऐसे में उम्मीद है कि 31 मार्च 2013 तक 46.45 करोड़ खर्च हो जाएंगे।