सड़क हादसे में मौत का शिकार हुई कैनेडियन नर्स के परिवार को एक करोड़ पांच लाख रुपये मुआवजा मिलेगा।
मुआवजे की राशि मृतका के पति और तीन बेटियों में बराबर-बराबर बांटी जाएगी। स्थानीय कोर्ट से ये आदेश दिए गए हैं। कोर्ट के आदेशों के मुताबिक, मुआवजे की राशि न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी को अदा करना होगा।
वर्ष 2010 में कालका थाना क्षेत्र में नर्स की कार और एक जीप के बीच टक्कर हुई थी, जिसमें नर्स की मौत हो गई थी। चार जनवरी 2011 को कोर्ट में दायर केस के मुताबिक, कनाडा में बतौर नर्स काम करने वाली नाजरीन निशा अली (41) की शादी कालका निवासी प्रमोद सिंह (44) से हुई थी।
अली की प्रदीप से दूसरी शादी थी। 27 दिसंबर 2010 को प्रमोद, नाजरीन निशा अली व प्रमोद की बहन शिवानी चंडीगढ़ से शॉपिंग करने के बाद वापस लौट रहे थे। जेन कार प्रमोद चला रहा था।
कालका क्षेत्र में बिटना-सियुड़ी के पास पहुंचते ही सामने से आ रही बड़ी जीप से कार की टक्कर हो गई। इस हादसे में प्रमोद को गंभीर चोटें आईं, जबकि उसकी पत्नी निशा अली की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, प्रमोद की बहन शिवानी को चोट नहीं आई थी।
नाजरीन की तीन बेटियां नसीहत (15), नजीरा (12) और नजीफा (11) अपने ननिहाल में रहती हैं। हादसे के बाद प्रमोद और निशा अली की तीनों बेटियों की तरफ से कोर्ट में केस किया गया था।
केस में बताया गया कि निशा अली की कनाडा में सिटिजनशिप थी और वहां नर्स का काम करती थी। अली की सालाना कमाई आठ लाख रुपये थी। कोर्ट ने अली की उम्र और उसकी आय को ध्यान में रखकर मेजरमेंट की। इसके बाद एक करोड़ पांच लाख रुपये मुआवजा देने का फैसला सुनाया।