चंडीगढ़। कोरोना संक्त्रस्मित होने के बाद अस्पताल में उपचाराधीन पद्मश्री मिल्खा सिंह और उनकी पत्नी की देखभाल का जिम्मा अब उनकी बेटी मोना मिल्खा सिंह ने संभाल लिया है। मोना अमेरिका के न्यूयॉर्क स्थित मेट्रोपॉलिटन अस्पताल में सीनियर इमरजेंसी मेडिसिन डॉक्टर हैं। वह अमेरिका में कोरोना मरीजों की जिंदगी बचाने में पिछले एक साल से जुटी थीं।
पिता मिल्खा सिंह के संक्त्रस्मित होने के बाद मोहाली के फोर्टिस अस्पताल में भर्ती होने की खबर सुनते ही मोना बुधवार सुबह चंडीगढ़ सेक्टर- 8 स्थित मिल्खा सिंह के निवास पर पहुंच गई थीं। घर पहुंचकर मोना को उनकी मां निर्मल मिल्खा सिंह के भी कोरोना संक्त्रस्मित होने का पता चला। इसके बाद उन्हें फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
अब मोना सक्त्रिस्य हो गई हैं और माता-पिता की देखभाल की कमान खुद संभाल रही हैं। बता दें कि मिल्खा सिंह केे कुक को बुखार और खांसी थी। शक होने पर निर्मल मिल्खा सिंह ने पिछले मंगलवार को पूरे परिवार और स्टाफ का कोविड टेस्ट करवाया। बुधवार को कोविड टेस्ट की रिपोर्ट आई तो मिल्खा सिंह और उनके दो नौकर संक्त्रस्मित पाए गए थे। मिल्खा सिंह अपने आवास सेक्टर-8 में क्वारंटीन चले रहे थे। वह लगातार पीजीआई के डॉक्टरों के संपर्क में थे। तबीयत बिगड़ने पर फोर्टिस में भर्ती कराया गया।
फोर्टिस अस्पताल के डॉक्टरों से मोना कर रहीं चर्चा, दवाओं पर रख रही हैं नजर
घर पहुंचने के बाद बिना देर किए वह फोर्टिस अस्पताल पहुंच गईं, जहां मिल्खा सिंह और निर्मल मिल्खा सिंह को एक कमरे में रखा गया है। डॉ. मोना पिछले एक साल से अमेरिका में कोरोना पीड़ितों का इलाज करती आ रही हैं। इस वजह से उन्हें पता है कि कौन सी दवाइयां पिता को देनी हैं। वह खुद अस्पताल के डॉक्टरों से इलाज पर चर्चा कर रही हैं और उनकी ओर से दिए जाने वाली दवाओं को खुद चेक रही हैं।
डॉक्टर बेटी का हौसला बढ़ाते रहे हैं मिल्खा सिंह
पिछले साल अमेरिका में कोरोना का कहर बरपा था तो उस समय मोना अमेरिका के अस्पताल में मरीजों की जिंदगी बचाने में जुटी हुई थीं। उस समय मिल्खा सिंह ने बताया था कि अमेरिका में कोरोना पीड़ितों का इलाज करने वाली डॉक्टरों की फौज में उनकी बेटी मोना भी शामिल हैं। वह नेक काम में लगी हैं। इस बेहतर काम के लिए उन्हें अपनी बेटी पर गर्व हैं। उस समय वह रोजाना उससे फोन पर बात कर उसकी हिम्मत को बढ़ाते थे।