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मिलिट्री लिटरेचर फेस्टिवल: चंडीगढ़ पहुंचे सीडीएस जनरल अनिल चौहान, बोले- भारत महाद्वीपीय और समुद्री शक्ति

Sun, 09 Nov 2025 01:50 PM IST
अंकेश ठाकुर संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़

सार

मिलिट्री लिटरेचर फेस्टिवल के दौरान रविवार को सीडीएस जनरल अनिल चौहान चंडीगढ़ पहुंचे। उन्होंने कहा कि भारत को हिंद महासागर क्षेत्र में एक प्रमुख स्थान प्राप्त है और इसलिए हम हमेशा किसी भी अन्य देश के लिए पहली प्रतिक्रिया देने वाले और पसंदीदा भागीदार रहे हैं।
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सीडीएस जनरल अनिल चौहान - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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चंडीगढ़ सुखना लेक क्लब में आयोजित 9वें मिलिट्री लिटरेचर फेस्टिवल के तीसरे दिन भी लोगों के बीच सेना के हथियार देखने का जबरदस्त क्रेज दिखाई दिया। लोगों में इतना उत्साह थी कि हथियारों के पास और उन्हें उठाने के लिए 15 मिनट तक का इंतजार भी करना पड़ा। इसके बावजूद लोगों उत्साह पूर्वक वहां खड़े रहे और अपनी बारी का इंतजार करते रहे।

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रविवार को मिलिट्री लिटरेचर फेस्टिवल के दौरान भारतीय सेना के सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने कहा कि यदि आप 20वीं सदी की भू-राजनीतिक घटनाओं को देखें, तो भारत का विभाजन, पाकिस्तान का आना, चीन के साथ हमारा युद्ध, इन सबने भारत को एक महाद्वीपीय दृष्टिकोण अपनाने के लिए मजबूर किया। लेकिन यदि आप भारत के भूगोल पर नजर डालें, तो मुझे लगता है कि भारत एक महाद्वीपीय और एक समुद्री शक्ति है। इसलिए भारत को हिंद महासागर क्षेत्र में एक प्रमुख स्थान प्राप्त है और इसलिए हम हमेशा किसी भी अन्य देश के लिए पहली प्रतिक्रिया देने वाले और पसंदीदा भागीदार रहे हैं।

चंडीगढ़ डिफेंस एकेडमी के निदेशक कर्नल उरविंदर सिंह ने कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं में राष्ट्र सेवा की भावना को सशक्त करते हैं और उन्हें भारतीय सशस्त्र बलों में शामिल होने के लिए प्रेरित करते हैं। यह फेस्टिवल पंजाब सरकार, चंडीगढ़ प्रशासन और चंडीमंदिर स्थित पश्चिमी कमान मुख्यालय की संयुक्त पहल है, जिसका उद्देश्य युवाओं को सैन्य जीवन के अनुशासन, समर्पण और देशभक्ति की प्रेरणा देना है।
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हथियारों की प्रदर्शनी में स्नाइपर गन, रॉकेट लांचर, पिस्टल , एके 47 को देखने और उठाने का क्रेज लोगों में काफी दिखाई दिया। हथियारों को काफी करीब से देखते हुए उन्हें उठाने की कभी इन लोगों ने कल्पना नहीं की थी। आज इन्ही हथियारों को हाथ में पकड़कर वह खुद को गर्वित महसूस कर रहे थे। वहीं ड्रोन को लेकर भी लोगों में काफी जोश देखने को मिला। यहां पर जो ड्रोन रखा गया था वह एरोप्लेन की शेप में था, जिस पर हथियार लोड किया जाते है और इसमें लगे सेंसर की मदद से यह सटीक निशाने में गिरता है और खुद ब्लास्ट होकर दुश्मन का टारगेट नष्ट कर देता है। इस दौरान यूके मिलिट्री से जुड़े लोग भी वहां पर पहुंचे और वह भी हथियार देखने में अपनी रुचि दिखा रहे थे।

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