नवंबर की शुरूआत से ही प्रवासी पक्षियों ने सुखना वाइल्ड सेंक्चुरी में डेरा जमा लिया है। प्रवासी पक्षियों के आने से सुखना की प्राकृतिक सुंदरता और बढ़ जाती है।
प्रशासन भी अब इन पक्षियों की मेहमाननवाजी में लग गया है। इन पक्षियों के आने के बाद अब सुखना लेक में फिशिंग भी कम करवा दी गई है।
अब मछली पकड़ने के इच्छुक लोगों को लाइसेंस लेना मुश्किल हो गया है। पहले यहां एक दिन में 20 लाइसेंस दिए जाते थे, अब 10 लाइसेंस ही दिए जा रहे हैं।
नवंबर की शुरुआत में ही ये पक्षी यहां आना शुरू कर देते हैं और मार्च-अप्रैल तक रहते हैं। इन पक्षियों का मुख्य आहार मछलियां ही होती हैं। इसलिए फिशिंग को कम कर दिया है ताकि इन पक्षियों को आहार आसानी से मिल जाए।
फिशिंग एरिया भी हुआ कम
प्रवासी पक्षियों की सहूलियत के लिए फिशिंग एरिया को भी कम कर दिया है। प्रवासी पक्षियों के बैठने की जगह के आसपास फिशिंग की इजाजत नहीं दी जाएगी।
फिशिंग के लिए एक विशेष एरिया तय किया गया है ताकि प्रवासी पक्षियों को किसी तरह की कोई परेशानी न हो।
प्रवासी पक्षियों की सहूलियत को देखते हुए फिशिंग के लाइसेंस कम कर दिए गए हैं ताकि इन पक्षियों को इनका आहार आसानी से मिल सके।
-डॉ. लवलेश कांत गुप्ता, ज्वाइंट डायरेक्टर, डिपार्टमेंट ऑफ एनिमल हसबेंड्री एंड फिशरीज