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पटियाला-नंगल में मजदूरों की नारेबाजी, बठिंडा में पुलिस ने किया बल प्रयोग तो चप्पल-जूते छोड़ भागना पड़ा

Fri, 15 May 2020 12:45 AM IST
ajay kumar अमर उजाला/संवाद न्यूज एजेंसी, पटियाला/नंगल/बठिंडा (पंजाब)

सार

  • मजदूर बोले- दो दिनों से बैठे हैं रेलवे स्टेशन पर, नहीं भेजा जा रहा
  • जाने की होड़ में सामाजिक दूरी की प्रवासी मजदूरों ने उड़ाई धज्जियां
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बठिंडा में नारेबाजी करते हुए मजदूर। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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पटियाला के रेलवे स्टेशन पर गुरुवार को बिहार के मजदूरों ने सरकार व प्रशासन खिलाफ नारेबाजी की। मजदूरों ने रोष जताया कि वह दो दिनों से रेलवे स्टेशन पर बैठे हैं लेकिन पता नहीं उन्हें कब भेजा जाएगा। ऊपर से न उन्हें खाना दिया जा रहा है और न ही पीने का पानी। भूखे प्यासे वह लोग स्टेशन पर बैठे हैं। 

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इस दौरान जैसे ही मजदूरों को पता लगा कि शाम को उन्हें स्पेशल ट्रेन से बिहार भेजा जाएगा वैसे ही सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ाते हुए वह लोग प्लेटफॉर्म के पास इकट्ठा होना शुरू हो गए। मौके पर मौजूद पुलिस ने मजदूरों को समझा बुझाकर सामाजिक दूरी का पालन करवाया।

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बिहार के दरभंगा जिले के राम यादव ने कहा कि दो दिनों से वह रेलवे स्टेशन पर बैठा हैं। लेकिन प्रशासन ने उनकी कोई सुध नहीं ली। पहले और जिलों के लोगों को बिहार भेजा। उन्हें खाना भी नहीं दिया। वह भूखे बैठे हैं। मजदूरों में बढ़ते रोष को देखते हुए दरभंगा जिले के लोगों को लेकर पटियाला के रेलवे स्टेशन से एक स्पेशल ट्रेन शाम को रवाना हुई।

पटियाला से भेजी गई यह आठवीं ट्रेन है। डीसी कुमार अमित ने इस मौके पर बताया कि अब तक बाहरी राज्यों के 11 हजार लोगों को उनके घरों को भेजा जा चुका है। जरूरतमंद प्रवासियों को पहल के आधार पर घर भेजने का प्रयास किया जा रहा है।

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बठिंडा: प्रवासी मजदूरों ने की नारेबाजी, पुलिस ने किया बल प्रयोग, भगदड़ में चप्पल-जूते छोड़कर भागे 

बठिंडा में रेलवे खेल मैदान में एकत्र मजदूरों ने गुरुवार को प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। मजदूरों की बढ़ती भीड़ को खदेड़ने के लिए पुलिस ने बल प्रयोग किया तो मजदूरों में भगदड़ मच गई। इस दौरान मजदूर चप्पल-जूते छोड़कर भाग निकले। बिहार जाने वाले शिवम, राजू, सबोद कुमार ने बताया कि वो मुजफ्फरपुर के रहने वाले हैं। 

उन्होंने बताया कि किसी तरह मेडिकल करवाने के बाद जब वह रेलवे के खेल मैदान पहुंचे तो उन्हें कहा कि गया कि ट्रेन में बैठने के लिए जगह नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रशासन उतने ही लोगों का रजिस्ट्रेशन करें, जितने लोग एक गाड़ी में जा सकते हैं। मजदूरों ने आरोप लगाया कि सुबह से शाम तक धूप में खडे़ होकर रजिस्ट्रेशन करवाते हैं लेकिन जब जाने की बारी आती तो उनको पुलिस लाठियां मारती हैं। 

नंगल में मजदूरों ने किया प्रदर्शन, घर भेजने की मांग
महामारी के बीच नंगल में फंसे 200 से भी अधिक प्रवासी मजदूरों ने घर वापसी को लेकर पावरकॉम कार्यालय के निकट रोष प्रदर्शन किया। इसकी भनक लगते ही थाना प्रभारी इंस्पेक्टर पवन चौधरी दल-बल के साथ मौके पर पंहुचे और गुस्साए लोगों से बात कर घर भेजा। उन्होंने आश्वासन दिया कि पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल की बैठक एसडीएम से करवा कर आपकी समस्या का हल करवाया जाएगा।
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मोहम्मद कुदरती, मोहम्मद तनवीर, सुदाम मोहिसन, तनवीर आलम व मोहम्मद रफीक ने रोष जताते हुए कहा कि यूपी व बिहार से हम 250 से भी अधिक लोग यहां राजमिस्त्री व मजदूरी का काम कर परिवार का पालन कर रहे थे लेकिन लॉकडाउन के चलते उन्हें काम मिलना बंद हो गया है। उन्हें प्रशासन न तो राशन दे रहा है और न ही घर भेजने की व्यवस्था की जा रही है।

थाना प्रभारी पवन चौधरी ने बताया कि पुलिस का काम है कानून-व्यवस्था को बनाए रखना और हालात को नियंत्रण में रखना। जैसे ही उन्हें लोगों द्वारा एक जगह जमा होने की जानकारी मिली तो मौके पर पहुंचे और सभी को समझा बुझाकर घर भेजा। अब पांच सदस्यीय टीम की बैठक एसडीएम से करवाई जा रही है।

19 मई तक इन प्रवासियों की की होगी घर वापसी: अटवाल
उधर एसडीएम से मिलने गए प्रतिनिधिमंडल की बात सुनने के बाद एसडीएम हरप्रीत सिंह अटवाल ने उन्हें 19 मई तक विशेष ट्रेन की व्यवस्था कर घर भेजने का आश्वासन दिया। साथ ही कहा कि तब तक सभी को राशन मुहैया करवाया जाएगा।

लुधियाना: राशन नहीं मिलने पर मजदूरों का प्रदर्शन, पुलिस ने भांजी लाठियां
जमालपुर की विश्वकर्मा कालोनी इलाके में गुरुवार सुबह एक बेहड़े में रहने वाले प्रवासी मजदूरों ने राशन न मिलने पर रोष व्यक्त किया। वह घर जाने की चाह में थे तो मालिक ने किराया मांग लिया। उन्होंने काम धंधा न होने की बात कहीं तो मालिक ने दुर्व्यवहार शुरू कर दिया। इसी दौरान मजदूरों को किसी ने बोल दिया कि थाना मोती नगर में उन्हें राशन मिलेगा। 

मजदूर थाना मोती नगर चले गए। वहां कोई सुनवाई नहीं हुई तो उन्होंने प्रदर्शन शुरू कर दिया। जब इसकी सूचना मिली तो थाना प्रभारी इंस्पेक्टर वरुणजीत पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और मजदूरों को समझाने की कोशिश की लेकिन उन्होंने किसी की एक न सुनी। जिसके बाद पुलिस को मजबूरन लाठियां चलाकर मजदूरों को खदेड़ना पड़ा। 
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