अंबाला एयरफोर्स स्टेशन में इससे पहले मिग-21 विमान एयर डिफेंस के लिए तैनात थे। मगर कुछ माह पहले ही मिग-21 विमानों की कोबरा स्क्वाड्रन को राजस्थान के नाल एयरबेस में शिफ्ट किया गया है, जिस कारण अब मिग-29 विमानों को अंबाला एयरबेस पर सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
हवा से हवा में लड़ने में माहिर मिग-29
मिग-29 विमान हवा से हवा में लड़ने में माहिर हैं। मूल रूप से रूस में निर्मित मिग-29 विमान अपग्रेड किए गए हैं, जिनमें आधुनिक प्रणाली है जो मीलों दूर अपने टारगेट को लॉक कर उसे ध्वस्त कर सकती है। बता दें कि अंबाला में जगुआर विमानों की दो स्क्वाड्रन है। जगुआर विमान नीचे उड़ान भरते हुए दुश्मन क्षेत्र में सटीक बमबारी करने में माहिर हैं, मगर यह विमान हवा से हवा में लड़ने के लिए सर्वश्रेष्ठ नहीं है।
सितंबर में तैनात होंगे अंबाला में राफेल
अंबाला एयरफोर्स स्टेशन से मिग-21 विमानों की स्क्वाड्रन को राजस्थान के नाल एयरबेस में शिफ्ट करने का मकसद ही यही था कि उनके स्थान पर राफेल विमान की नई स्क्वाड्रन को तैनात किया जाए। यह विमान एयर-टू-एयर और एयर-टू-ग्राउंड अटैक में माहिर हैं, यानी यह विमान मल्टी रोल की भूमिका निभा सकते हैं। मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान सांसद रतन लाल कटारिया ने खुलासा किया कि अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पर सितंबर में राफेल विमानों की पूरी तरह से तैनाती हो जाएगी, जिससे देश की सुरक्षा और मजबूत होगी।