मिग-21 की अलविदा उड़ान के बारे में जनरल द्विवेदी ने कहा कि उन्हें थोड़ी मायूसी जरूरी हो रही है कि लेकिन अगली पीढ़ी के विमानों के लिए बदलाव जरूरी है। यह विमान भी अन्य विमानों के लिए एक प्रेरणा बनकर जा रहा है।
राफेल का कर रहे बेसब्री से इंतजार : नौसेना प्रमुख
बातचीत के दौरान नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी ने कहा कि नौसेना बहुत बेसब्री से लड़ाकू विमान राफेल का इंतजार कर रही है। इस संदर्भ में जो काॅन्ट्रैक्ट साइन हुआ है, उम्मीद है उसी टाइमलाइन के भीतर नौसेना को राफेल मिल जाएंगे। इसके बाद नौसेना की ताकत काफी हद तक बढ़ जाएगी और दुश्मन के लिए बेचैनी पैदा करेगी। ऑपरेशन सिंदूर अभी स्थगित है, खत्म नहीं हुआ है। यह बात पीएम और रक्षामंत्री दोनों कह भी चुके हैं। पाकिस्तान को जवाब देने के लिए नौसेना हमेशा अलर्ट मोड पर है। मिगर-21 की विदाई के संदर्भ में उन्होंने कहा कि वह गर्व महसूस कर रहे हैं कि वे आज देश के पहले सुपरसोनिक लड़ाकू विमान की विदाई देने चंडीगढ़ पहुंचे हैं। इस विमान ने कई बड़े मिशनों को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है, यहीं इसकी खासियत है। इसके बहादुरी के कई किस्से हैं, जो सेना को गर्व करने का मौका देते हैं। यहां आज हर कोई भावुक है। मैं सभी को शुभकामनाएं देता हूं।
जानबूझकर नरेटिव को घूमा रहा पाकिस्तान : धनोआ
पूर्व वायुसेना अध्यक्ष बीएस धनोआ ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान जानबूझकर नरेटिव को घुमाकर गुमराह कर रहा है। उनके पास कहने को कुछ भी नहीं है। इस ऑपरेशन में हमने जो टारगेट तय किए थे उन्हें नेस्तनाबूद किया। हमने उन्हें बता दिया है कि हमारी मारक क्षमता कितनी है और हम कहां तक घुसकर मार सकते हैं। यह एक ऑल आउट वार है, इसमें हम बेस पर 30 मिसाइल मारते हैं और पाकिस्तान हमारे क्षमता अच्छी तरह देख चुका है। उनका एयर डिफेंस पूरी तरह बेकार है। ऑपरेशन सिंदूर में राफेल, एस-400 और मोडिफाइड ब्रह्मोस 230 की अहम भूमिका थी। पाकिस्तान कहता है कि हमारा प्राइमरी रोल एयर डिफेंस पर केंद्रित रहता है। अगर ऐसा है तो ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत के हमले रोक क्यों नहीं सके।
पूर्व वायुसेना अध्यक्ष एस. कृष्णा स्वामी ने कहा कि इस ऑपरेशन में वायुसेना को मौका मिला और हमने दिखा दिया कि हम पाकिस्तान के साथ क्या कर सकते हैं। सभी सेनाओं ने इस दौरान अपेक्षा से कहीं ज्यादा बेहतर काम किया है।