मिग-21 में इंस्टाॅल किया गया टाइप 751 पैनोरमिक कैमरा।
- फोटो : आईएएफ
पाकिस्तान में स्कार्दू मिशन को लीड करने वाले सीओ ग्रुप कैप्टन जैफरे रेगिनाल्ड मेकैरो ।
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मिग-21 के कई टोही मिशन
साल 1984 से 1987 तक एयरफोर्स ने स्कार्दू में मिग-21 के कई टोही मिशन चलाए। इसका मकसद स्कार्दू क्षेत्र में दुश्मन की गतिविधियों पर निगरानी रखते हुए सामरिक जानकारी इकट्ठा करना था। इस मिशन ने भारतीय वायुसेना को स्कार्दू क्षेत्र में रणनीतिक जानकारी प्रदान की।
- कारगिल के बीडीए दर्रे पर मिग-21 का एफआर (फोटोग्राफिक रिकॉर्डिंग) मिशन वायुसेना का एक महत्वपूर्ण अभियान था। इस मिशन का उद्देश्य दुश्मन की स्थिति और गतिविधियों की जानकारी प्राप्त करना था। इस मिशन के तहत कारगिल युद्ध के दौरान मिग-21 की जासूसी से भारतीय सेना को बेहतर स्थिति की जानकारी मिली, जिससे उन्हें युद्ध में लाभ हुआ।
- साल 1984 में अमृतसर में ऑपरेशन ब्लू स्टार के दौरान मिग-21 का उपयोग मुख्य रूप से हवाई निगरानी और ग्राउंड पर ऑपरेशन को अंजाम दे रही फौज को समर्थन के लिए किया गया था। जरूरत पड़ने पर कार्रवाई के लिए इन्हें तैयार रखा गया था।
- अब तक भी भारत-पाकिस्तान और भारत-चीन सीमा पर नियमित निगरानी व संभावित खतरे का समय पर पता लगाने के लिए इनका उपयोग किया जाता रहा है।