जिला उपभोक्ता फोरम ने सोमवार को माइक्रोमैक्स कंपनी पर खराब क्वालिटी का मोबाइल देने पर जुर्माना लगाया।
कंपनी को मोबाइल की कीमत 2950 रुपये के साथ शिकायतकर्ता को मानसिक रूप से परेशान करने के लिए 2500 रुपये भी देने होंगे।
सेक्टर-52 निवासी पवन कुमार ने सेक्टर-22 से 23 जनवरी, 2013 को माइक्रोमैक्स का एक्स 456 मॉडल खरीदा था। मोबाइल की एक साल की वारंटी थी लेकिन 3 महीने बाद ही मोबाइल में खराबी आनी शुरू हो गई। कंपनी के सर्विस सेंटर पर मोबाइल दिया और उन्होंने दो दिन बाद इसे ठीक करके लौटा दिया।
एक दिन बाद ही फिर से इसकी टच स्क्रीन में खराबी आ गई। इस बार सर्विस सेंटर ने एक महीने बाद फोन दिया। इसी तरह बार-बार मोबाइल में खराबी आती रही और शिकायतकर्ता को सर्विस सेंटर के चक्कर काटने पड़े। आखिर में पवन ने जिला उपभोक्ता फोरम में शिकायत दर्ज करवा दी।
बचाव में कंपनी ने जवाब दिया कि उन्होंने समय पर फोन ठीक कर दिया था। उन्होंने मोबाइल ले जाने के लिए पवन को एसएमएस भी भेजे, लेकिन वह खुद ही फोन लेने नहीं आए। हालांकि कंपनी एसएमएस से संबंधित कोई सुबूत अदालत में पेश नहीं कर सकी। इस पर उपभोक्ता फोरम ने शिकायतकर्ता के पक्ष में फैसला सुनाया और जुर्माना 30 दिन में भरने को कहा। तय समय पर जुर्माना न भरने पर कंपनी को 9 फीसदी ब्याज भी देने को कहा गया।