चंडीगढ़। यूनियन फुटपाथ, साइकिल एंड रेहड़ी-फड़ी वर्कर यूनियन के प्रतिनिधिमंडल ने आरएलडी प्रदेश अध्यक्ष विद्या शंकर पाठक के नेतृत्व में नगर निगम कमिश्नर से मुलाकात कर स्ट्रीट वेंडरों की विभिन्न समस्याओं और मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि शहर में स्ट्रीट वेंडरों का सर्वे करीब 10 वर्ष पहले हुआ था, जबकि स्ट्रीट वेंडर्स एक्ट-2014 के अनुसार प्रत्येक पांच वर्ष में नया सर्वे होना चाहिए। यूनियन ने जल्द दोबारा सर्वे कराने की मांग की ताकि वास्तविक वेंडरों को लाभ मिल सके। साथ ही जिन वेंडरों के लाइसेंस बन चुके हैं, उन्हें उनकी सहमति से वेंडिंग जोन आवंटित करने और असफल वेंडिंग जोन को समाप्त कर नए जोन विकसित करने की मांग रखी गई।
यूनियन ने वेंडिंग जोन में बिजली, पानी, छत और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया। इसके अलावा जीआरडीआरसी से आईडी प्राप्त लेकिन सर्वे से वंचित वेंडरों के लाइसेंस जारी करने तथा हर वर्ष फीस में 5 प्रतिशत बढ़ोतरी का विरोध किया गया। यूनियन ने मांग की कि फीस वृद्धि केवल पांच वर्ष बाद कार्ड नवीनीकरण के समय ही लागू हो।
विद्या शंकर पाठक ने कहा कि स्ट्रीट वेंडर्स एक्ट-2014 के तहत वेंडरों के अधिकारों की रक्षा जरूरी है। उन्होंने प्रशासन से वेंडरों की आजीविका सुरक्षित रखते हुए उनकी समस्याओं का शीघ्र समाधान करने की मांग की।