पंजाब यूनिवर्सिटी में हाल ही में कुछ युवा विद्यार्थियों में मानसिक तनाव के केस सामने आए। पीयू में चार साल से काउंसलिंग बंद होने के चलते उन्हें निजी अस्पतालों में जाना पड़ रहा है। इन सबको देखते हुए पीयू प्रशासन फिर से हॉस्टल में रहने वाले छात्रों के लिए मेंटल हेल्थ काउंसलिंग शुरू करने जा रहा है। इसी हफ्ते से इसकी शुरूआत की जाएगी। काउंसलिंग शुरू होने से लगभग 7500 विद्यार्थियों को इसका लाभ होगा और वह तनावमुक्त रहेंगे। इसके लिए हर हॉस्टल में काउंसलर रूम बनाए जाएंगे। सभी कांउसलर दोपहर 2 बजे से शाम 7 बजे तक हॉस्टल और हेल्थ सेंटर में बैठेंगे।बता दें कि पीयू में पिछले 4 साल से मेंटल हेल्थ काउंसलिंग बंद है, जिससे विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। छात्रों की सहूलियत के लिए डीएसडब्ल्यू दफ्तर की ओर से सभी छात्रों के लिए गूगल फॉर्म की हॉस्टलों में व्यवस्था करवाई जाएगी। इसके जरिए छात्र काउंसलर के साथ अपॉइंटमेंट तय कर सकेंगे।
शुरुआती दिनों में पीयू के सभी हॉस्टलों में छात्रों के लिए मेंटल हेल्थ पर सत्र भी आयोजित करवाए जाएंगे, जिससे छात्रों को उनके सवालों के लिए एक मंच प्रदान किया जा सके।
डीएसडब्ल्यू वीमन प्रो. सिमरत काहलों ने बताया कि पीयू के काउंसलर छात्रों के लिए मेंटल हेल्थ बुकलेट तैयार करेंगे। इसे विदेशी यूनिवर्सिटी की तर्ज पर तैयार किया जाएगा। इसमें छात्रों को मेंटल हेल्थ से जुड़े सवालों के साथ उनसे अपने स्तर पर निपटने के लिए टिप्स दिए जाएंगे। इससे मेंटल हेल्थ के मसले में शुरुआती तौर पर ही ध्यान दे पाएं और उससे जागरूक हों इसे पीयू की वेबसाइट पर सभी छात्रों को लिए उपलब्ध करवाया जाएगा।
हॉस्टल में नए छात्रों का अलग से किया जाएगा मार्गदर्शन
हॉस्टल में दाखिला लेने वाले छात्रों का अलग से मार्गदर्शन किया जाएगा। इसके लिए काउंसलर सत्र आयोजित करेंगे, जिसमें उन्हें हॉस्टल में आने वाली समस्याओं से बाहर निकालने के लिए जागरूक किया जाएगा। साथ ही हॉस्टल में दिन-प्रतिदिन होने वाली समस्याओं से कैसे निपटना है।
हर हॉस्टल में तैयार किए जाएंगे काउंसलर रूम
डीएसडब्ल्यू प्रो. सिमरत काहलों ने बताया कि हर हॉस्टल में काउंसलर रूम बनाए जाएंगे, जहां निजी तौर पर छात्रों की काउंसलिंग की जाएगी। वर्तमान में गर्ल्स हॉस्टल नबंर-3, 4, 7 और 8 में काउंसलर रूम तैयार कर लिए गए हैं। अन्य हॉस्टलों में भी इस हफ्ते से काउंसलर रूम बन जाएंगे।