पुडा मुलाजिमों ने वीरवार को सरकार के खिलाफ राज्यस्तरीय रोष रैली की। रैली में पूरे पंजाब से पुडा की विभिन्न इकाइयों में तैनात मुलाजिम शामिल हुए।
मुलाजिमों ने पहले चंडीगढ़ में सीएम की कोठी का घेराव करने की योजना बनाई थी। लेकिन, उससे पहले ही दोपहर सवा दो बजे के करीब एडीसी प्रवीन कुमार थिंद खुद धरना स्थल पर पहुंचे।
उन्होंने मुलाजिमों से मांग पत्र लिया। साथ ही वादा किया कि उनकी मांगों को जल्दी ही सीएम तक पहुंचा दिया जाएगा। इसके बाद मुलाजिमों ने अपनी रैली खत्म कर दी। हालांकि, मुलाजिमों ने नियमित संघर्ष को जारी रखने का फैसला लिया है।
वीरवार सुबह ही पुडा की विभिन्न इकाइयों से मुलाजिमों की बसे पुडा भवन के बाहर पहुंचना शुरू हो गई थी। इसके अलावा कई मुलाजिम व समाजसेवी जत्थेबंदियों के नेता भी मुलाजिमों के पक्ष में धरना स्थल पर पहुंच गए थे। इस मौके पर विभिन्न मुलाजिम नेताओं ने मुलाजिमों को संबोधित किया।
यह सिलसिला दोपहर तक चला। इसके बाद एडीसी ने धरना स्थल पर पहुंचकर मुलाजिमों की रैली खत्म करवाई। वहीं, इसके बाद पुडा मुलाजिम तालमेल संघर्ष कमेटी की एक आपात मीटिंग हुई।
इसमें तय किया गया कि जब तक मैनेजमेंट मांगों को पूरा नहीं करती है। मुलाजिमों का नियमित संघर्ष जारी रहेगा। पहले मुलाजिम 12 घंटे की भूख हड़ताल कर रहे थे।
अब रोजाना पांच मुलाजिम 24 घंटे की भूख हड़ताल करेंगे। इसके अलावा 17 जनवरी को फिर से मैनेजमेंट के खिलाफ राज्यस्तरीय रोष रैली की जाएगी। कमेटी के को-कन्वीनर बलजिंदर सिंह बिल्ला ने बताया कि संघर्ष पूरी तरह कामयाब रहा है।
आज से शुरू होगा पुडा में काम
कई दिनों से चल रही कलमबंद हड़ताल के बाद मुलाजिम शुक्रवार को काम पर लौटेंगे। इस दौरान सभी विभागों में काम होगा। हालांकि, इसके बाद फिर से दो दिनों की सरकारी छुट्टियां आ जाएगी।
अधिकतर अफसर अपनी गाड़ियों से पहुंचे ऑफिस
मुलाजिमों ने तय किया था कि वीरवार को भी ड्राइवर अफसरों को लेने के लिए गाड़ी लेकर उनके घर नहीं जाएंगे। इसके चलते अधिकतर अफसर अपनी गाड़ियां खुद ड्राइव कर ऑफिस पहुंचे। जबकि, कई अफसरों ने ऑफिस से छुट्टी ही करना उचित समझा।