रोजगार क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी कम
- पुरुषों ने औसतन 8 घंटे 47 मिनट रोजगार और उससे जुड़ी गतिविधियों में बिताए
- महिलाओं ने औसतन 7 घंटे 3 मिनट ही लगाए। इसका मतलब है कि पुरुष, महिलाओं की तुलना में औसतन करीब 1 घंटा 44 मिनट ज्यादा कामकाजी गतिविधियों में लगाते हैं।
घरेलू कार्यों में महिलाओं का वर्चस्व
- घर के कामों में महिलाओं का योगदान पुरुषों की तुलना में कहीं अधिक
- बिना वेतन वाले घरेलू कार्यों में पुरुषों ने 1 घंटा 49 मिनट खर्च किए जबकि महिलाओं ने 4 घंटे 3 मिनट दिए
- बिना वेतन वाले देखभाल सेवाओं (जैसे बच्चों और बुजुर्गों की देखभाल) में पुरुषों ने 1 घंटा 21 मिनट दिए, जबकि महिलाओं ने 2 घंटे 56 मिनट
मनोरंजन : लोगों से मिलना-जुलना और खेल गतिविधियों में पुरुषों ने 3 घंटे तो महिलाएं 3 घंटे 21 मिनट खर्च करतीं हैं
स्वास्थ्य : स्वास्थ्य और आत्म-देखभाल (जैसे नींद, व्यक्तिगत स्वच्छता आदि) में भी पुरुषों और महिलाओं का समय लगभग समान रहा। पुरुषों ने 692 मिनट और महिलाओं ने 682 मिनट दिए।
पढ़ने-लिखने में दोनों का समय लगभग बराबर
शिक्षा और सीखने की गतिविधियों में दोनों ने ही औसतन 6 घंटे 6 मिनट (366 मिनट) बिताए।
सामाजिक भागीदारी
सामाजिक मेलजोल, सामुदायिक भागीदारी और धार्मिक गतिविधियों में भी पुरुषों और महिलाओं का समय लगभग बराबर रहा, यानी 6 घंटे 5 मिनट (365 मिनट)।
ये आंकड़े बताते हैं कि चंडीगढ़ में रोजगार और आर्थिक गतिविधियों में पुरुषों की भागीदारी अधिक है, जबकि महिलाएं घरेलू कार्यों और देखभाल सेवाओं में ज्यादा समय लगाती हैं।
सोशल मीडिया पर भी बिता रहे काफी समय
चंडीगढ़ के लोग सोशल मीडिया पर कितना समय बिता रहे हैं, रिपोर्ट में इसे लेकर अलग से आंकड़े नहीं दिए गए हैं। हालांकि, हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर रील बनाने का क्रेज बढ़ा है, जैसा कि एक हालिया घटना में देखा गया, जहां एक महिला ने सड़क पर ट्रैफिक रोककर रील बनाई, जिससे वीडियो वायरल हो गया और पुलिस कार्रवाई हुई। साइबर सुरक्षा के मामले में चंडीगढ़ में सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफार्मों के माध्यम से साइबर अपराध भी बढ़ रहे हैं, जैसे कि हाल ही में रिटायर्ड कर्नल के साथ ही 3.41 करोड़ रुपये की ठगी हुई है।