चंडीगढ़। सेक्टर-25 में बनने जा रहे पशु शवदाह गृह में नेताओं के विरोध के बाद अब आरडब्ल्यूए ने भी विरोध जताया है। सेक्टर 38 वेस्ट की सभी रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन ने मिलकर पूर्व सांसद सत्यपाल जैन और मेयर राजबाला मलिक को ज्ञापन सौंपा। इसके अलावा प्रशासक वीपी सिंह बदनौर, सांसद किरण खेर और कमिश्नर नगर निगम केके यादव को भी निवासियों से हस्ताक्षर करवा कर ज्ञापन सौंपे गए हैं।
जानकारी के अनुसार 29 मई को आयोजित नगर निगम की बैठक में इस शवदाह गृह को बनाने का निर्णय लिया गया था। इस निर्णय से सेक्टर-38 वेस्ट के निवासियों में भारी रोष है। वहां की आरडब्ल्यूए के अध्यक्ष पंकज गुप्ता ने कहा कि मृत जानवरों के निष्पादन प्लांट लगाने की जगह सेक्टर से मात्र आधा किलोमीटर दूर है। प्लांट से उठने वाली बदबू और प्रदूषण से सेक्टर के लोग बुरी तरह प्रभावित होंगे। पहले ही वहां पर डड्डूमाजरा का डंपिंग ग्राउंड है। ऐसे में पशु शवदाह गृह बनाना लोगों के मौलिक अधिकारों का हनन है। यदि यह निर्णय वापस नहीं लिया गया तो सेक्टर के लोग अपने हितों की रक्षा के लिए प्रदर्शन करेंगे।
इस मौके पर एचआईजी (अपर) आरडब्ल्यूए के अध्यक्ष हरपाल सिंह, एलआईजी ग्रुप एजेंसी के अध्यक्ष भाग सिंह, भगवंत मान, एमआईजी ग्रुप एजेंसी के प्रधान चितरंजन सिंह, कार्यकारी सदस्य बानी कंबोज और सरोज बाला भी मौजूद रहे। सभी ने कहा कि यदि यह फैसला वापस नहीं लिया गया तो वे बड़ी संख्या में विरोध प्रदर्शन करेंगे। साथ ही इसका जवाब अगले चुनाव में देंगे।
फैसला गलत, निगम वापस ले
रेजिडेंट्स यूनाइटेड फ्रंट के प्रधान डॉ. केएस चौधरी ने कहा कि सेक्टर के लोग पहले ही डंपिंग ग्राउंड की बदबू और प्रदूषित हवा से परेशान हैं। इसलिए निगम को यह फैसला वापस लेना चाहिए।
इंडस्ट्रियल एरिया में लगने वाला प्लांट यहां कैसे आ गया
एचआईजी (लोअर) आरडब्ल्यूए की अध्यक्ष रेखा सूद ने कहा कि इंडस्ट्रियल एरिया में इस प्लांट को लगाने की जगह निर्धारित की गई थी तो इसे बदलकर सेेक्टर-25 में कैसे कर दिया गया। आसपास के वार्डों के पार्षदों का मीटिंग में रहना अपने आप में प्रश्न खड़ा करता है।
चंडीगढ़ में प्लांट की जरूरत नहीं
आरडब्ल्यूए के महासचिव कुलभूषण शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को भी इस संबंध में पत्र भेजे जा रहे हैं। चंडीगढ़ में ऐसा प्लांट लगाने की आवश्यकता नहीं है क्योंकि इस प्लांट के बिना भी मरे हुए जानवरों का निष्पादन सही तरह से हो रहा है। शहर का एक बड़ा हिस्सा वेस्ट इलाके में रहता है, परंतु हर बार उनके हितों को दरकिनार किया जाता है।