चंडीगढ़। टैगोर थिएटर शनिवार शाम सदाबहार बॉलीवुड गीतों की धुनों से गूंज उठा। कहीं लता मंगेशकर की सुरीली यादें थीं तो कहीं पुराने फिल्मी गीतों पर दर्शकों की तालियां। मौका था बसंत गिरिजा श्री सोसायटी की ओर से आयोजित सुरीला सफर-30 : बॉलीवुड मेलोडीज़ की एक शाम-रहें न रहें हम, महका करेंगे का। कार्यक्रम में बॉलीवुड अभिनेत्री पूनम ढिल्लों की मौजूदगी ने शाम को खास बना दिया। कार्यक्रम लता मंगेशकर की स्मृति और नारी शक्ति वंदन को समर्पित रहा।
कार्यक्रम में हरियाणा के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। हरियाणा के पूर्व गृह सचिव एसएस प्रसाद के सानिध्य में हुए आयोजन में डॉ. आरसी मिश्रा, अजय मित्तल, रजनी थरेजा, सोनम छेवांग, संजीव झा और चंडीगढ़ संगीत नाटक अकादमी की अध्यक्ष सुखी सिंह बराड़ समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
नारी शक्ति वंदन के तहत विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली महिलाओं को सम्मानित किया गया। सीएसआईआर-माइक्रोबियल टेक्नोलॉजी संस्थान की पहली महिला निदेशक डॉ. अलका राव और पद्मश्री पुरस्कार विजेता ममता सोढ़ा को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। मुकेश कुमारी, सोना देवी, मुन्नी देवी, दर्शना देवी, नीरजा चौहान, अमिका राणा, उर्मिला और अलका को भी उनके योगदान के लिए सम्मान मिला।
गीतों ने ताजा की पुरानी यादें...
संगीत संध्या में कलाकारों ने एक से बढ़कर एक सदाबहार गीत प्रस्तुत किए। रंजू प्रसाद और एसएस प्रसाद ने मेरे हाथों में नौ-नौ चूड़ियां सुनाकर माहौल बनाया। रंजू प्रसाद ने ए मेरी जोहरा जबी, एसएस प्रसाद ने यह दिल तुम बिन कहीं लगता नहीं पेश किया। संजीव भूटानी और रविंदर कौर ने चौदहवीं का चांद हो, रोशन लाल ने ओ हसीना जुल्फों वाली, दीपक गर्ग व रुचिका सेठ ने तेरे चेहरे से नजर नहीं हटती सहित कई गायकों ने एक से बढ़कर एक गीत सुनाया। नन्हें कलाकारों ने भी शानदार गीत पेश किए। पूनम ढिल्लों गीतों पर तालियां बजाती रहीं। लोग उनके साथ फोटो खिंचवाए।