हाल ही में हुई पंजाब कैबिनेट की बैठक में वाटर रिसोर्स विभाग के पुनर्गठन को हरी झंडी दिए जाने के बाद अब पंजाब सरकार ने अन्य सभी सरकारी विभागों के पुनर्गठन का फैसला कर लिया है। सरकार ने सभी विभागों को मेगा पुनर्गठन की डेडलाइन भी जारी कर दी है, जो आगामी सितंबर माह है।
विज्ञापन
इस संबंध में वित्त विभाग की वित्त परसोनल-2 शाखा द्वारा एक पत्र में सभी विशेष मुख्य सचिवों, अतिरिक्त मुख्य सचिवों, वित्त कमिश्नरों, प्रमुख सचिवों और प्रबंधकीय सचिवों को संबोधित करते हुए कहा गया है कि पंजाब के विभिन्न सरकारी विभागों के पुनर्गठन का काम बीते काफी समय से सरकार के विचाराधीन है और इस संबंध में वित्त विभाग और परसोनल विभाग द्वारा समय-समय पर कई हिदायतें भी जारी की गई हैं।
इसके बावजूद, 46 विभागों द्वारा पुनर्गठन संबंधी प्रस्ताव वित्त विभाग को प्राप्त नहीं हुए हैं। ऐसे में बिना पुनर्गठन वित्त विभाग पदों की रचना/आवश्यक पदों को बनाए रखने/पदों की पुनर्संरचना करने के प्रस्तावों पर मंजूरी नहीं देगा। पत्र में निर्देश दिया गया है कि उक्त 46 विभाग पुनर्गठन संबंधी प्रस्ताव, जारी किए गए शेड्यूल के अनुसार तय तिथि को सुबह 10 बजे तक ई-ऑफिस के जरिए वित्त विभाग को भेज दें।
विज्ञापन
आवश्यकता होने पर वित्त विभाग संबंधित विभाग से वेब मीटिंग कर सकता है। संबंधित प्रबंधकीय विभाग के मार्फत पहुंचने वाले प्रस्तावों पर ही विचार किया जाएगा। किसी बोर्ड, कारपोरेशन, निदेशालयों से सीधे तौर पर भेजे गए पुनर्गठन संबंधी प्रस्तावों पर विचार नहीं किया जाएगा।
कर्मचारी संगठनों ने जताया कड़ा ऐतराज
पंजाब कैबिनेट द्वारा जल स्त्रोत विभाग के पुनर्गठन के प्रस्ताव को मंजूरी दिए जाने का राज्य के कर्मचारी संगठनों ने कड़ा विरोध किया है। कर्मचारी संगठनों को आशंका है कि पुनर्गठन की आड़ में राज्य सरकार विभागों में मुलाजिमों की संख्या में कटौती करने जा रही है। दरअसल, जल स्त्रोत विभाग के पुनर्गठन के तहत भी 24,263 कर्मचारियों के मंजूरशुदा पद घटकर 15,606 रह जाएंगे।
इस मामले में सरकार ने अभी यह कहकर बचाव किया है कि जल स्त्रोत विभाग के मंज़ूरशुदा पदों में से इस समय केवल 17,499 पद ही भरे हुए हैं। यानी कटौती सिर्फ 1893 मुलाजिमों की होगी, जबकि वास्तविकता यह है कि इस विभाग में पुनर्गठन के बाद 8657 पद कम हो जाएंगे। कर्मचारी संगठनों के नेताओं का कहना है कि साफ हो चुका है कि विभागों के पुनर्गठन के दौरान सरकार पदों की कटौती पर जोर दे रही है।
विभागों को इन तिथियों तक भेजने होंगे प्रस्ताव
20 जुलाई तक : प्रिंटिंग एंड स्टेशनरी, नागरिक उड्डयन, विजिलेंस
22 जुलाई तक : इनफारमेशन टेक्नोलॉजी, एनआरआई, इनफारमेशन एंड पब्लिक रिलेशन
24 जुलाई तक : जेलें, खाद्य प्रसंस्करण, चुनाव
27 जुलाई तक : सामाजिक न्याय एवं आधिकारिता
29 जुलाई तक : विद्युत
31 जुलाई तक : रोजगार उत्पत्ति एवं प्रशिक्षण
3 अगस्त तक : लीगल एंड लेजिस्लेटिव अफेयर्स
5 अगस्त तक : पशु पालन, डेयरी विकास एवं मत्स्य पालन
7 अगस्त तक : खाद्य एवं सिविल सप्लाई
10 अगस्त तक : ट्रांसपोर्ट
13 अगस्त तक : गृह मामले विभाग
17 अगस्त तक : कृषि विभाग
19 अगस्त तक : वन एवं वन्य जीव संरक्षण विभाग
21 अगस्त तक : सहकारिता विभाग
24 अगस्त तक : ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग
26 अगस्त तक : स्थानीय निकाय विभाग
28 अगस्त तक : खाद्य प्रसंस्करण, स्वतंत्रता सेनानी कल्याण विभाग, इनवेस्टमेंट प्रमोशन
31 अगस्त तक : न्यू एंड रिन्युएवल एनर्जी, प्लानिंग, प्रोग्राम इंप्लीमेंटेशन विभाग
2 सितंबर : एक्साइज एंड टैक्सेशन विभाग
4 सितंबर : सामाजिक सुरक्षा और महिला एवं बाल विकास विभाग
8 सितंबर : पीडब्ल्यूडी (बी एंड आर)
10 सितंबर : उच्च शिक्षा विभाग, वेलफेयर आफ पेंशनर्स
14 सितंबर : स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग
16 सितंबर : हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट
18 सिंतबर : राजस्व, पुनर्वास एवं आपदा प्रबंधन विभाग
21 सितंबर : मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च
22 सितंबर : टेक्निकल एजुकेशन एंड इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग
24 सितंबर : स्कूल शिक्षा विभाग
25 सितंबर : साइंस टेक्नोलॉजी एंड एनवायरमेंट
28 सितंबर : श्रम विभाग
29 सितंबर : सामान्य प्रशासन, संसदीय मामले विभाग
30 सितंबर : गवर्नेंस रिफार्म एंड पब्लिक ग्रीवांसेज, पंजाब विधानसभा