बैठक में तालमेल कमेटी के वरिष्ठ सदस्य हरिनारायण शर्मा, इंद्र सिंह बधाना, वीरेंद्र सिंह धनखड़, दलबीर किरमारा, अनूप सहरावत, बाबूलाल यादव, जयभगवान कादियान, सरबत सिंह पूनिया, पहल सिंह तंवर, बलवान सिंह दोदवा, आजाद गिल व सुल्तान सिंह, प्रदीप बूरा तो परिवहन विभाग की तरफ से अतिरिक्त मुख्य सचिव परिवहन धनपत सिंह, महानिदेशक परिवहन रमेश चंद्र बिढ़ान, अतिरिक्त महानिदेशक वीरेंद्र दहिया व संवर्तक सिंह मौजूद रहे। कमेटी नेताओं ने कहा कि सरकार ने हड़ताल के दौरान रोडवेज कर्मचारियों पर एस्मा के तहत की गई सभी कार्रवाई पर भी स्पष्ट जवाब न देते हुए निर्णय हाईकोर्ट पर छोड़ दिया है, जबकि उत्पीड़न की कार्रवाई बहाल करना सरकार का काम है। विभाग के रुख से कर्मचारियों में निराशा है।
हाईकोर्ट में रखेंगे जेल में हुए अमानवीय कृत्यों पर पक्ष
तालमेल कमेटी ने बैठक में एसीएस परिवहन को बताया कि रोहतक व भिवानी जेल में बंद रोडवेज व अन्य विभाग के कर्मचारियों पर अमानवीय कृत्य किए गए। उनके कपड़े तक उतरवाए व तरह-तरह की यातनाएं दी। जनवादी महिला समिति की नेता बिमला घनघस को जेल अधिकारियों ने तरह-तरह की धमकियां दी, बाथरूम व टॉयलट तक साफ करवाए। 14 नवंबर को हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के तालमेल कमेटी इस मामले को भी रखेगी। अगर जरूरत पड़ी तो तालमेल कमेटी मानवाधिकार आयोग में भी जाएगी।