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बैठक बेनतीजा : सरकार की चेतावनी पर नर्सिंग यूनियन मुखर, इमरजेंसी सेवाएं तुरंत बंद करने की चेतावनी

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मोहाली। चंडीगढ़ में पंजाब सरकार के साथ 4600 ग्रेड-पे समेत अन्य मांगों पर हुई बैठक बेनतीजा निकलने पर आंदोलनरत नर्सिंग यूनियन मुखर हो गई है। फेज-6 स्थित सिविल अस्पताल में हड़ताल के दौरान ओपीडी से लेकर वार्ड तक सेवाएं प्रभावित रहीं। इसका खामियाजा आम मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। सिविल अस्पताल में मरीज और मेडिकल स्टूडेंट्स आपस में जूझ रहे हैं। उधर अधिकारियों के साथ करीब तीन घंटे चली बैठक के बाद एसोसिएशन ने डीआरएमई विभाग पर सहमति बिंदुओं पर काम करने की जगह धमकाने का आरोप लगाया है।
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बैठक के बाद मंगलवार को विभाग ने अमृतसर, मोहाली और पटियाला मेडिकल कॉलेजों के प्राचार्यों को हड़ताल कर रहे नर्सिंग कर्मचारियों पर विभागीय कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए हैं। सरकार ने यह भी कहा है कि यदि तीन दिन में धरना खत्म नहीं हुआ तो विभागीय कार्रवाई की जाएगी। इसके विरोध में यूनियन ने चेतावनी दी है कि अगर किसी भी नर्स पर कार्रवाई हुई तो तीनों मेडिकल कॉलेजों की सभी नर्सिंग सेवाएं ओपीडी से लेकर इमरजेंसी तक तुरंत बंद कर दी जाएंगी। यूनियन ने कहा कि इससे मरीजों को होने वाली परेशानी की जिम्मेदारी केवल पंजाब सरकार और मेडिकल शिक्षा विभाग की होगी।
चंडीगढ़ स्थित सिविल सचिवालय में हुई बैठक में विशेष सचिव वित्त विभाग और डीआरएमई के अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में अधिकारियों ने नर्सिंग स्टाफ की मांगों पर विचार करने के लिए 15 वर्किंग दिन (24 अक्टूबर तक) का समय मांगा है। इसके बाद आश्वासन दिया है कि इस अवधि में प्रस्ताव तैयार कर प्रमुख सचिवों की बैठक बुलाई जाएगी। यूनियन प्रतिनिधियों ने सवाल उठाया कि पटियाला मेडिकल कॉलेज में भूख हड़ताल पर बैठे उनके साथी अंकुर का तब तक क्या होगा? क्या वह इतने दिन इंतजार करेगा?
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सरकार से है आर-पार की लड़ाई
हम अपने हक की लड़ाई लड़ रहे हैं। गिरफ्तारी देने और जेल भरने तक को तैयार हैं, लेकिन 4600 ग्रेड पे हासिल किए बिना पीछे नहीं हटेंगे। विभाग की किसी भी नाजायज धमकी के आगे नहीं झुकेंगे। अब हमारी सरकार से लड़ाई आर-पार की है। पंजाब में बाढ़ के कारण आई आपात स्थिति में हम सेहत सेवाएं प्रभावित नहीं होने दे रहे हैं। मेडिकल सेवाएं सुचारू हैं। - ज्योति शर्मा, प्रधान, नर्सिंग एसोसिएशन एम्स मोहाली


इन्होंने धरना वापस ले लिया है। अब ड्यूटी ज्वॉइन करनी है। फिलहाल यह जानकारी टेलीफोन से दी गई है। लिखित रूप में भी जल्द ही जानकारी दे दी जाएगी। - नवदीप सैनी, मेडिकल सुपरिंडेंटेंड, एम्स मोहाली




अस्पताल की स्थिति

- एम्स नर्सिंग स्टाफ – 112 (सभी धरने पर)

- छुट्टी पर- 24 नर्सें
- डीएचएस स्टाफ – 64 (इन्हीं पर पूरी जिम्मेदारी)

- सर्जरी वार्ड - 2 (पुरुष व महिला) बंद
- ऑपरेशन – केवल इमरजेंसी केस ही किए जा रहे
- ओपीडी – औसतन 1600–2000 मरीज, इलाज में देरी और रेफरल



- इमरजेंसी – दो नर्सों की जगह अब सिर्फ एक नर्स ड्यूटी पर

- मेडिकल स्टूडेंट्स कर रहे असिस्ट








स्टूडेंट्स पर बोझ, आम जनता पर असर
नर्सिंग स्टाफ की गैरमौजूदगी में मेडिकल स्टूडेंट्स को मरीजों की देखभाल में लगाया गया है। इस कारण भी काम की रफ्तार धीमी हो गई है। इस कारण मरीजों-तीमारदारों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। कई बार मरीजों के परिजन नाराजगी भी जता रहे हैं। धरने की वजह से अस्पताल आने वाले हर वर्ग के मरीज प्रभावित हो रहे हैं। छोटे-बड़े ऑपरेशन रुके हुए हैं, वार्ड खाली पड़े हैं। ओपीडी में भीड़ के बावजूद इलाज सुचारू रूप से नहीं हो पा रहा है। मरीजों की जेब पर सीधा असर पड़ रहा है, क्योंकि कई लोगों को प्राइवेट अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है।
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