नगर निगम, नगर परिषद और नगर पालिका के 30 हजार हड़ताली कर्मचारियों और सरकार के बीच सोमवार को हुई वार्ता विफल हो गई है। नई दिल्ली में हरियाणा भवन में हुई वार्ता में सभी मांगों पर सहमति नहीं बनी। अब शहरी निकाय विभाग के प्रधान सचिव आनंद मोहल शरण सीएम के संज्ञान में अपनी मांगें लाएंगे।
इसके साथ ही हड़ताल 17 मई तक के लिए बढ़ा दी गई है, जिसके चलते तनातनी और बढ़ने के आसार बन गए हैं। रविवार देर रात लिखित में बातचीत का आमंत्रण मिलने के बाद कर्मचारी नेता सोमवार सुबह नौ बजे दिल्ली स्थित हरियाणा भवन में शहरी निकाय विभाग के निदेशक आनंद मोहन शरण से बातचीत करने पहुंचे।
इससे पहले नगर पालिका कर्मचारी संघ के रोहतक इकाई के प्रधान संजय बिडलान ने बताया कि शाम करीब साढ़े सात बजे सहकारिता मंत्री मनीष ग्रोवर ने बातचीत के लिए 15 सदस्यीय शिष्टमंडल को कैनाल रेस्ट हाउस में बुलाया। करीब 50 मिनट कर्मचारियों और मंत्री के बीच बातचीत हुई। साथ में डीसी यश गर्ग, निगम आयुक्त प्रदीप कुमार आदि मौजूद रहे। लेकिन समस्या का समाधान नहीं निकल पाया था।
एस्मा लगाने की धमकी पर बिफरे आंदोलनरत कर्मी
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- फोटो : ANI
तीस हजार हड़ताली निकाय कर्मचारियों ने आरपार की लड़ाई का एलान कर दिया है। कर्मचारी मांगें पूरी कराए बिना सरकार के आगे नहीं झुकेंगे। शहरी स्थानीय निकाय विभाग के प्रधान सचिव के एस्मा लगाने की चेतावनी के बाद कर्मचारी और उखड़ गए हैं।
उन्होंने न केवल आगामी आंदोलन का एलान किया है, बल्कि सरकार को चेतावनी दी है कि अगर सोमवार दोपहर तीन बजे तक उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं तो हड़ताल की अवधि आगे बढ़ा दी जाएगी। निकाय विभाग के प्रधान सचिव का आनन-फानन में एस्मा के तहत कार्रवाई करने के पत्र के बाद बात बिगड़ गई है। इससे जहां शहरी निकाय मंत्री नाराज हैं, वहीं कर्मचारी भी उग्र हो गए हैं।
एस्मा प्रदेश में तभी हड़ताली कर्मियों पर लागू किया जा सकता है जब उसे कैबिनेट मंजूरी मिल जाए और राज्यपाल भी उस पर मुहर लगा दें। इससे फिलहाल शहरी निकाय मंत्री कविता जैन बच रही हैं। चूंकि एस्मा लगाने से बात बिगड़ेगी और कर्मचारी किसी भी हद तक जा सकते हैं। इसलिए सीएम मनोहर लाल के विदेश दौरे से लौटने का इंतजार किया जा रहा है।
सरकार चाहे तो बना सकती है नीति
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नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के महासचिव जरनैल सिंह, उप महासचिव शिवचरण व उप प्रधान राजेंद्र सिनंद ने कहा कि सरकार कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने की मांग को अनुचित बता रही है। चूंकि, हाईकोर्ट का स्टे है। उन्होंने कहा कि सरकार चाहे तो नई नीति बना सकती है, उस पर कोई रोक नहीं है। हड़ताल केवल अनुबंध कर्मचारियों को पक्का कराने के लिए नहीं है।
यह हड़ताल कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने के अलावा ठेका प्रथा समाप्त करने, समान काम-समान वेतन देने, ईपीएफ, जीपीएफ व ईएसआई की कर्मचारियों के खातों से की गई कटौती राशि को देना, हर महीने 7 तारिख तक वेतन भुगतान, सेवानिवृत्ति पर सभी देय लाभ कर्मचारियों को देना इत्यादि भी मांगें हैं। 1360 अग्निशमन कर्मचारियों का अनुबंध 8 मई को समाप्त हो गया और विभाग ने उनके अनुबंध का विस्तार करने की बजाय रिलीव कर दिया।
1996-97 में फेल हो चुका बल प्रयोग
सर्व कर्मचारी संघ के महासचिव सुभाष लांबा ने कहा कि सरकार बातचीत की बजाय ठेकेदारों के गुंडों, पुलिस के बल पर हड़ताल को कमजोर करना चाहती है। यह प्रयोग 1996-97 की हड़ताल मे फेल हो चुका है। तत्कालीन मुख्यमंत्री बंसीलाल को पालिका कर्मचारियों के साथ बातचीत कर समझौता करना पड़ा था।
15 मई को डीसी कार्यालयों पर प्रदर्शन
सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रधान धर्मबीर सिंह फौगाट व प्रवक्ता इंद्र सिंह बधाना ने कहा कि सरकार के तानाशाही रवैये के खिलाफ 15 मई को सभी जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन किए जाएंगे। मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन डीसी को सौंपते हुए बातचीत से मांगों का समाधान करने की मांग की जाएगी।