पंजाब और हरियाणा में विवाद की जड़ बना एसवाईएल पर अब विवाद थम सकता है। केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने इसके लिए दिल्ली में दरबार लगाने की तैयारी की है। हरियाणा का सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के अनुसार एसवाईएल का निर्माण कराने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह के सामने मजबूती से पैरवी करेगा। 24 मार्च को दिल्ली में चार बजे राजनाथ से होने वाली मुलाकात से पहले प्रतिनिधिमंडल पौने तीन बजे हरियाणा भवन में ही अपनी रणनीति बनाएगा।
सभी सदस्य चर्चा कर अपने-अपने सुझाव भी देंगे। मुख्यमंत्री मनोहर लाल के नेतृत्व में होने वाली इस मुलाकात के संबंध में सरकार के मंत्रियों के अलावा विपक्षी दलों के नेताओं और हरियाणा के महाधिवक्ता को पत्र भेजकर जानकारी दे दी गई है। सरकार की ओर से शिक्षा मंत्री राम बिलास शर्मा, वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु, स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री ओम प्रकाश धनखड़, शहरी स्थानीय निकाय मंत्री कविता जैन, भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष सुभाष बराला, काे बलाया गया है
इसके साथ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अशोक तंवर, कांग्रेस विधायक दल की नेता किरण चौधरी, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा, इनेलो अध्यक्ष अशोक अरोड़ा, नेता प्रतिपक्ष अभय चौटाला, शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सरनजीत सिंह सोथा, शिरोमणि अकाली दल के विधायक बलकौर सिंह, बहुजन समाज पार्टी के अध्यक्ष नरेश सारन व विधायक टेक चंद शर्मा, आजाद विधायक जय प्रकाश और महाधिवक्ता बलदेव राज महाजन को मुलाकात की लिखित सूचना दी गई है।
हरियाणा में नहर निर्माण को लेकर राजनीति तेज है, और इनेलो आंदोलन छेड़े हुए है। इसलिए सरकार भी कोई चूक करने के मूड में नहीं है। अब निगाहें राजनाथ से होने वाली बैठक पर टिक गई हैं कि वे प्रतिनिधिमंडल को क्या आश्वासन देते हैं,क्योंकि पंजाब सरकार भी अपना पक्ष रख चुकी है।