हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर तीस हजार निकाय कर्मचारियों की आठ दिन से चली आ रही हड़ताल खत्म कराने में नाकाम रहे हैं। बुधवार को यहां सीएम निवास पर नगरपालिका-सर्व कर्मचारी कर्मचारी संघ के दस सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल और मुख्यमंत्री मनोहर लाल के बीच हुई समझौता वार्ता भी सिरे नहीं चढ़ पाई। हालांकि, सरकार वार्ता सफल रहने का दावा कर रही है। मगर, विरोधाभास बरकरार है। नगरपालिका कर्मचारी संघ ने बातचीत बेनतीजा रहने की घोषणा करते हुए हड़ताल जारी रखने का एलान किया है।
वीरवार को रोहतक में संघ कार्यकारिणी की बैठक होगी, उसमें आगामी निर्णय लिया जाएगा। सीएम निवास पर वार्ता शुरू होने से पहले जमकर हाईवोल्टेज ड्रामा हुआ। सरकार ने सीएम से वार्ता के लिए भारतीय मजदूर संघ के पदाधिकारियों को भी बुला रखा था। नगर पालिका व सर्व कर्मचारी संघ के प्रतिनिधिमंडल के पहुंचने से पहले ही वे बैठक कक्ष में मौजूद थे। इस पर सर्व कर्मचारी संघ के नेता बिफर गए और उन्होंने वार्ता का बायकॉट कर दिया। बीएमएस प्रतिनिधियों को बैठक कक्ष से बाहर निकालने के बाद ही निकाय कर्मियों के प्रतिनिधिमंडल की सीएम के साथ समझौता वार्ता शुरू हुई।
मुख्य मांगें मानने को तैयार नहीं सरकार : शास्त्री
नगरपालिका कर्मचारी संघ के अध्यक्ष नरेश शास्त्री ने बताया कि वार्ता बेनतीजा रही है। हड़ताल जारी रहेगी। वीरवार को रोहतक में अगली रणनीति का खुलासा करेंगे। सरकार ने कहा है कि सफाई व सीवर के पहले से चले आ रहे ठेके जैसे ही खत्म होंगे, ठेका प्रथा को खत्म कर दिया जाएगा। दमकल केंद्रों में ठेकेदार के माध्यम से लगे कर्मचारियों को नियमित भर्ती में वरीयता देने का भी वादा किया है, लेकिन सरकार मुख्य मांगों को मानने के लिए तैयार नहीं है। इनमें कच्चे कर्मचारियों को पक्का करना, न्यूनतम वेतन 15 हजार रुपये देना और समान काम-समान वेतन शामिल है। सरकार मांगों को लेकर गंभीर नहीं है, मानी गई मांगों को लागू करने को लेकर लिखित पत्र नहीं दिया गया।
मुख्यमंत्री से कहा, हम संतुष्ट नहीं : लांबा
सर्व कर्मचारी संघ के महासचिव सुभाष लांबा ने समझौता वार्ता के बाद मुख्यमंत्री मनोहर से कहा कि प्रतिनिधिमंडल मानी गई मांगों से संतुष्ट नहीं है। जब तक मुख्य मांगों को नहीं माना जाता, हड़ताल जारी रहेगी। मंत्रियों एवं विधायकों के आवासों पर किए जा रहे प्रदर्शन भी जारी रखेंगे। सरकार का बीएमएस के हड़ताल वापस लेने का बयान भी बेहद आपत्तिजनक है। चूंकि, बीएमएस हड़ताल में शामिल ही नहीं है तो हड़ताल कैसे वापस ले सकती है। सरकार आंदोलन को भड़काना चाहती है।
बैठक में ये रहे मौजूद
सरकार की तरफ से मुख्यमंत्री मनोहर लाल के अलावा कैबिनेट मंत्री कविता जैन, राज्य मंत्री मनीष ग्रोवर, कृष्ण बेदी, मुख्य सचिव डीएस ढेसी, प्रधान सचिव आनंद मोहन शरण, महानिदेशक नितिन यादव और यूनियन की तरफ से सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के महासचिव सुभाष लांबा, नगरपालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रधान नरेश शास्त्री, महासचिव जरनैल सिंह चिनालिया सहित राजेंद्र सिनंद, शिवचरण, अशोक बोहत, सुभाष गुस्सर, रमेश तुषाड़, सेवा राम, मांगे राम तिगरा उपस्थित रहे।