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मिलिए ‘हंसी तो फंसी’ के अभिनेता सिद्धार्थ मल्होत्रा से

Sun, 19 Jan 2014 12:50 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, चंडीगढ़
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दिल्ली में मॉडलिंग के दौरान एक दोस्त ने ऑडिशन के बारे में बताया। ऑडिशन दिया सिलेक्ट भी हो गया और फिल्म की शूटिंग के लिए मुंबई चला गया, लेकिन किसी वजह से फिल्म बीच में ही बंद हो गई।
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इस दौरान मुझे मुंबई में बिना काम के रहना पड़ा। यह बात होटल जेडब्लयू मैरियट-35 में शनिवार दोपहर को अपनी फिल्म हंसी तो फंसी की प्रमोशन करने पहुंचे बॉलीवुड अभिनेता सिद्धार्थ मल्होत्रा ने कही।

अपने दो साल के संघर्ष के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि दोस्तों ने सुझाव दिया कि किसी डायरेक्टर को असिस्ट करूं। इस दौरान ही मुझे ‘स्टूडेंट आफ दी ईयर’ फिल्म का ऑफर मिल गया। इसलिए जो भी एक्टर बनना चाहता है अपना शहर छोड़ कर मुंबई आए। किसी की कॉल का इंतजार न करें।
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उन्होंने बताया पापा मर्चेंट नेवी से रिटायर्ड हैं और भाई एमबीए कर के जॉब कर रहा है। मेरे लिए भी मेरी फैमिली के कुछ ऐसे ही ख्वाब थे, लेकिन मैं मॉडलिंग में आना चाहता था, इसलिए ग्रेजुएशन के बाद मॉडलिंग को ही प्रोफेशन चुन लिया।

हालांकि संघर्ष के दौरान घरवालों ने दिल्ली आकर पढ़ाई जारी रखने के लिए भी कहा, लेकिन वापस जाने को मन नहीं था। ‘मॉय नेम इज खान’ में असिस्ट कर रहा था, इसी दौरान कैमरे के आगे आकर मैं और वरुण बहुत शैतानियां करते थे, यही बात धर्मा प्रोडक्शन में कई और लोगों तक पहुंच गई और हमें साथ में ‘स्टूडेंट ऑफ द ईयर’ मिली।

‘हंसी तो फंसी’ में है पागलपंती
हंसी तो फंसी में मेरा रोल एक युवक का है जो मिडल क्लास फैमिली से है और बहुत कनफ्यूस्ड है। घरवाले अक्सर उसे कुछ बड़ा करने को कहते है, लेकिन वो डिसाइड नहीं कर पाता कि करे क्या।

इस दौरान उसकी मुलाकात सात साल बाद ‘मीता’ (परिणीती चोपड़ा) से होती है और फिर शुरू हौती है पागलपंती।

फिल्म के टाइटल हंसी तो फंसी को लेकर सिद्धार्थ ने कहा की फिल्म बेशक टाइटल से मेल नहीं खाती, लेकिन जब आप परिणीती चोपड़ा का रौल देखेंगे तो आप को ऐसा ही लगेगा कि ‘हंसी तो फंसी’।
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