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ये हैं पंजाब के 'आजम' और 'अमित शाह'!

Tue, 15 Apr 2014 12:54 PM IST
अखिल तलवार/अमर उजाला, चंडीगढ़
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उत्तरप्रदेश के कद्दावर मंत्री आजम खां और भाजपा प्रदेश प्रभारी अमित शाह को भले ही अभद्र बयानों के चलते चुनाव आयोग ने शिकंजा कस दिया हो, लेकिन पंजाब में कई ऐसे नेता है, जो एक-दूसरे पर हमला बोलने में मर्यादा भी भूल रहे हैं।
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निजी हमलों से लेकर सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने वाले बयान तक दिए जा रहे हैं। वोटों की राजनीति में खुलकर जहरीले तीर चल रहे हैं। पंजाब का चुनावी माहौल भी इससे अछूता नहीं है। यहां के चुनावी रण में भी शब्दों के तीखे तीर चल रहे हैं।

एक-दूसरे को जुबानी जंग में नीचा दिखाने के चक्कर में नेता किसी भी हद तक जा रहे हैं। न चुनाव आयोग की फिक्र है, न वोटरों की परवाह। बस जंग जीतने का जुनून। नेताओं के बिगड़े बोल के कारण चुनावी माहौल धीरे-धीरे तल्ख होता जा रहा है।
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चंदूमाजरा के बेशर्म बोल पर अंबिका, भट्टल का पलटवार

प्रो. प्रेम सिंह चंदूमाजरा:  कांग्रेस ने आनंदपुर साहिब से 72 साल की बूढ़ी औरत को टिकट दिया, जिसने कभी चुनाव लड़ा ही नहीं, जो यहां की है नहीं। कांग्रेसी जंगली जानवर हैं, जिस तरह कंडी एरिया में लोग जंगली जानवरों के खौफ से घरों में दुबक जाते हैं। उसी तरह कांग्रेसी नेताओं को देख कर लोग दहशत में आ जाते हैं।
अंबिका सोनी: मैं एनआरआई नहीं, होशियारपुर की हूं। चंडीगढ़ में घर है। अगर सारी बुजुर्ग महिलाएं एक हो गईं तो चंदूमाजरा क्या, अकालियों को भागने के लिए जगह नहीं मिलेगी।
रजिंदर कौर भट्ठल: चंदूमाजरा हमेशा से महिलाओं से ही हारते रहे हैं, इसलिए उन्हें महिलाओं से डर लगता है। पहले परनीत कौर से फिर मुझसे हारे। अब अंबिका सोनी से हार कर पाक बार्डर
के पार निकल जाएंगे।

रजिंदर कौर भट्ठल: अकालियों को मुंह-खुर की बीमारी हो गई है, जिसे बीर दविंदर सिंह ठीक करेंगे।
रजिंदर कौर भट्ठल: चंदूमाजरा चंदू-चोर हैं, चंदू-डाकू हैं।

मनप्रीत बनाम बादल परिवार

मनप्रीत बादल - राजा बना व्यापारी, दो प्रजा हुई भिखारी।
हरसिमरत कौर बादल - मनप्रीत अपनों के नहीं हुए, लोगों के क्या होंगे।

मनप्रीत बादल- बादल दे तां सारे मसले हल हो गए, पंजाब दा इक वी नई होया।
प्रकाश सिंह बादल- पीपीपी, कांग्रेस की बी-पार्टी है।

कैप्टन और बादल आमने-सामने
कैप्टन अमरिंदर सिंह : ऑपरेशन ब्लू स्टार के लिए प्रकाश सिंह बादल और लालकृष्ण आडवाणी जिम्मेदार हैं। केंद्र सरकार के श्वेत पत्र में सब कुछ लिखा है। बादल ने ऑपरेशन ब्लू स्टार की हिमायत की थी। जबकि, आडवाणी इसके लिए केंद्र सरकार पर दबाव बना रहे थे, उन्होंने धरना
भी दिया था।
प्रकाश सिंह बादल - कैप्टन सिख पंथ के गद्दार हैं। इंदिरा गांधी ने उन्हें कांग्रेस का एजेंट बना कर शिअद में भेजा था। पटियाला के महाराजाओं ने हमेशा हमलावरों का साथ दिया। 1764 में अहमद शाह अब्दाली को तब शरण दी, जब वह श्री अकाल तख्त साहिब पर हमला कर वापस जा
रहा था। अब्दाली से लेकर इंदिरा तक, इन्होंने हमेशा उनका साथ दिया, जिन्होंने श्री अकाल तख्त साहिब पर हमले किए।

कैप्टन अमरिंदर सिंह:  प्रकाश सिंह बादल का लाई डिटेक्टर टेस्ट कराना चाहिए। ब्लू स्टार पर झूठ बोल रहे हैं। तो उम्र भी 85 के बाद उनकी बढ़नी रुक गई है। या फिर उन्होंने मन के मुताबिक समय को ढाल लिया है।

तेज हुई कैप्टन-सुखबीर की जंग

सुखबीर बादल: हर कीमत पर सांप्रदायिक सद्भाव बनाने की जरूरत को समझें कैप्टन। वह अपने बयानों से अमृतसर में कलह के बीज बोने की कोशिश कर रहे हैं।

कैप्टन अमरिंदर सिंह : अगर मैं सांप्रदायिकता की सियासत खेल रहा हूं तो शिअद नेता आतंकवाद के दौरान पंजाब में मारे गए 35 हजार लोगों की हत्या की निंदा करते हुए अपनी सेकुलर सोच साबित करें। सुखबीर अपने पिता से पूछें कि वह आतंकवादियों के भोग में शामिल होते रहे, कभी
आतंकवाद पीड़ित परिवारों के लिए दर्द महसूस नहीं किया।

सुखबीर बादल - कैप्टन अमरिंदर सिंह और अंबिका सोनी अंग्रेजों के जमाने
की तोप हैं, इनमें कोई दम नहीं है।

कैप्टन-मजीठिया के बीच शब्दों के तीर

बिक्रम सिंह मजीठिया:  कैप्टन हमलावरों की तरह गुरु की नगरी में पहुंचे। उनके समर्थक तलवारें, खुंडे और लाठियां लेकर आए। चाहे कितना भी महत्वपूर्ण व्यक्ति क्यों न हो, यहां हाथ जोड़ कर मन में नम्रता और जुबान पर अरदास लेकर आता है। कैप्टन एक अहंकारी सिख हैं जो हमलावरों की तरह समर्थकों के साथ हथियार लेकर आए हैं।

कैप्टन अमरिंदर सिंह - अपनी हद में रहे और तानाशाही से बाज आएं
मजीठिया। वह इस भ्रम में न रहे कि सत्ता हमेशा उनके पास रहेगी। जिले भर से मजीठिया की ज्यादती की शिकायतें आ रही हैं।

बिक्रम सिंह मजीठिया - कैप्टन मजीठा आए तां रोटी खवावांगे, सतकार वी करांगे। पर जे पंगा लेया तां धौन वी नप्पांगे।
कैप्टन अमरिंदर सिंह - यूथ अकाली दल गुंडों की सेना है, मजीठिया इनका सरगना है। मैं दूसरे हलकों में अगर चार रैलियां करूंगा तो मजीठा में आठ करूंगा। विदेश में बैठे नशा तस्करों की कड़ी हैं मजीठिया।

सुखबीर और बाजवा
सुखबीर बादल - प्रताप सिंह बाजवा को राहुल गांधी ने ह्यूमन बम बना कर भेजा है। जो खुद के साथ-साथ पूरी कांग्रेस का सफाया कर देंगे।

प्रताप सिंह बाजवा - मैं टाइम बम हूं जो शिअद का सफाया कर देगा। सुखबीर बादल खुद को खत्म करने वाले जेनेटिक बीज हैं जो एक निश्चित समय बाद खुद खत्म हो जाता है।

बेबाक बोल

स्वामी रामदेव - इंदिरा गांधी को करनी का फल मिला, वह ही ऑपरेशन ब्लू स्टार की जिम्मेदार थीं।  नेहरू देश के खलनायक, स्वर्ग में नहीं मिली होगी जगह। इटली की महिला ने खराब की देश की संस्कृति। सोनिया गांधी की चापलूस हैं अंबिका सोनी, उन्हें खुश रखने को सीखी है इटालियन भाषा।

लक्ष्मीकांता चावला - आतंकवाद के जख्म न कुरेदें कैप्टन अमरिंदर। उस समय एक ही नारा गूंजता था, अमृतसर की गलियां सूनी हैं, दिल्ली सरकार खूनी
है।

नवजोत सिद्धू - बादल साहब मुझे बेटा तो मानते हैं, पर सौतेला। व्यवहार भी सौतेले बेटे जैसा ही करते हैं।

बिक्रम मजीठिया - कांग्रेस की हालत उस बारात की तरह है जिसका दूल्हा घोड़ी चढ़ कर भाग जाता है। अब गले में पड़ा ढोल बजाना पड़ रहा है।

बीर दविंदर सिंह - सुखबीर बादल मेहमानों को ड्राइंग रूम में बिठा कर उन्हें पानी देना ही भूल जाते हैं।
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चुनाव आयोग सख्त

चुनाव के दौरान नेताओं की अमर्यादित बयानबाजी पर चुनाव आयोग सख्त है। आयोग की ओर से इस पर कड़ी नजर रखी जा रही है। आयोग ने पंजाब में 26 टीमें बनाई हैं।

हर हलके में दो-दो टीमें नेताओं की रैलियों, जलसों, प्रेस बयानों पर नजर रख रही हैं। जहां कहीं भी गलत-बयानी सामने आती है, रिपोर्ट मंगाई जा रही है। आयोग ने बिक्रम मजीठिया के बयान की रिपोर्ट डीसी अमृतसर से मंगाई थी, जिसमें उन्हें क्लीन चिट दी गई है कि मजीठिया ने मुहावरे का प्रयोग किया था। वहीं, रजिंदर कौर भट्ठल के चंदू चोर, चंदू डाकू वाले बयान की पुष्टि हो गई है। जिसके बाद उन्हें नोटिस जारी किया जा रहा है। आयोग ने सुखबीर बादल के ह्यूमन बम वाले बयान पर भी रिपोर्ट मंगवाई है।
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