सिद्धू के चुनाव न लड़ने के क्या हैं मायने?
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पंजाब प्रदेश कांग्रेस प्रधान कैप्टन अमरिंदर सिंह की मानें तो पूर्व सांसद नवजोत सिंह सिद्धू का कांग्रेस में आना तय है, लेकिन वे विधानसभा नहीं लड़ेंगे। विधानसभा चुनाव में स्टार कैंपेनर की तरह उतरेंगे। उन्हें कैप्टन की जगह अमृतसर संसदीय सीट से लोकसभा चुनाव लड़वाया जा सकता है। ऐसा इसलिए भी लग रहा है कि बुधवार को ही कैप्टन ने लोकसभा से अपना इस्तीफा स्पीकर को सौंपा है।
कहा जा सकता है कि नवजोत सिद्धू ने अपना मास्टरस्ट्रोक खेल दिया है। यह बात जगजाहिर है कि कैप्टन अमरिंदर सिंह और नवजोत सिंह सिद्धू के बीच तनातनी रही है और सिद्धू ने अभी कांग्रेस में शामिल न होकर बता भी दिया कि वह कैप्टन की प्रधानगी में नहीं रहेंगे। कांग्रेस के लिए सिद्धू दंपति को टिकट देना संभव नहीं था। इसलिए पत्नी तो 28 नवंबर को कांग्रेस में शामिल हो जाएंगी लेकिन सिद्धू खुद कब औपचारिक तौर पर कांग्रेस का हाथ थामेंगे यह किसी को नही पता।
वहीं, आम आदमी पार्टी को जाहिर तौर इससे घाटा होगा। उसके पास अभी भी सिख चेहरा नहीं है जिसे सीएम के तौर पर पेश कर सके। नवजोत सिद्धू के तौर पर 'आप' को एक सिख चेहरा मिल सकता था। खैर, यदि चुनाव कैंपेन के दौरान सिद्धू ने 'आप' को निशाना बनाया तो 'आप' को नुकसान होना भी तय है।