हरियाणा के नर्सिंग संस्थानों में डिप्लोमा कोर्स कर रहे सात हजार से ज्यादा बच्चों के भविष्य का फैसला रोहतक में होगा। इन विद्यार्थियों की दोबारा परीक्षा के लिए प्रदेश सरकार ने पंडित भगवत दयाल शर्मा यूनिवर्सिटी आफ हेल्थ साइंसेज को आदेश दिया है। अगले छह सप्ताह में परीक्षा करवाई जाएगी।
राज्य सरकार ने नर्सिंग एजुकेशन के लिए स्थायी ढांचा खड़ा करने की तैयारी कर ली है। पैरामेडिकल ट्रेनिंग काउंसिल एंड एग्जामिनेशन बोर्ड और डिप्लोमा इन नर्सिंग काउंसिल एंड एग्जामिनेशन बोर्ड के गठन के लिए चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग ने ड्राफ्ट तैयार कर सरकार को भेज दिया है।
पिछले दिनों हुई विभाग की बैठक में मंत्री ने इस संदर्भ में प्रस्ताव बनाकर पहले ही मांग लिया था। अब अधिसूचना जारी होने का इंतजार है। अधिसूचना जारी होने के बाद छह सप्ताह के भीतर सरकार की इन दोनों बोर्डों को सक्रिय करने की मंशा है। इसमें स्क्रीनिंग के माध्यम से पदाधिकारी लगाए जाएंगे।
पैरामेडिकल काउंसिल में नर्सिंग डिप्लोमा के अलावा अन्य विषयों के विद्यार्थी चयनित किए जाएंगे, जबकि नर्सिंग काउंसिल के माध्यम से सिर्फ नर्सिंग के दाखिले होंगे। सरकार का कहना है कि रोहतक विश्वविद्यालय के माध्यम से 2014 के उन विद्यार्थियों की परीक्षा ली जाएगी, जिनका रिजल्ट अघोषित है, जबकि 2015 के विद्यार्थी, जिनकी परीक्षा होनी है, वे भी इस बार रोहतक के माध्यम से परीक्षा देंगे।