एमसीएम की ओर से आयोजित योग कार्यशाला में हिस्सा लेते प्रतिभागी।
- फोटो : CHANDIGARH
चंडीगढ़। एमसीएम डीएवी कॉलेज- 36 ने राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (रूसा) के सौजन्य से योग और ध्यान पर ऑनलाइन कार्यशाला का आयोजन किया। इसमें गवर्नमेंट कॉलेज ऑफ योगा के डॉ. गुनानिधि शर्मा और राष्ट्रीय व अंतर राष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक विजेता व योगा इंस्ट्रक्टर के मोनरीटा बतौर विशेषज्ञ उपस्थित रहीं। इसमें 51 छात्राओं ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में योग का इतिहास, अष्टांग योग, आसन और ध्यान तकनीकों के बारे में जानकारी दी गई।
डॉ. गुणनिधि ने योग, शतकर्म, समग्र स्वास्थ्य और भलाई, प्राणायाम और ओम जप की अवधारणा के बारे में बताया। आरती ने हठ योग और विभिन्न आसनों का व्यावहारिक प्रदर्शन किया। इसमें कई अन्य शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य बीमारियों के साथ साइनस के उपचार में प्रभावशीलता सहित उनके लाभों के बारे में बताया गया। के. मोनारिता ने प्रतिभागियों के साथ एक अभ्यास सत्र किया। इसमें ताड़ासन, त्रिकोणासन, गोमुखासन, वक्रासन और उष्ट्रासन जैसे आसनों का व्यावहारिक प्रदर्शन किया। इस दौरान कॉलेज प्राचार्या डॉ. निशा भार्गव ने कहा कि योग प्राचीन परंपरा से एक अमूल्य उपहार है। यह मन और शरीर, विचार और कर्म की एकता का प्रतीक है।