नगर निगम की सोमवार को हुई सदन की बैठक में लायंस कंपनी की ओर से सेक्टर-47 में वन विभाग की हरित पट्टी में कचरा फेंकने के मामले पर जमकर हंगामा हुआ। कांग्रेस ने भाजपा पर कंपनी को फेवर करने का आरोप लगाते हुए पार्टी की मंशा पर सवाल उठाए। तीन घंटे की चर्चा के बाद सदन में यह निर्णय लिया गया कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और कंपनी पर एमओयू समझौते के अनुसार जुर्माना लगाया जाएगा।
गौरतलब है कि दक्षिणी सेक्टर की मेकैनिकल स्वीपिंग का काम लायंस कंपनी को दिया गया है। इसके एवज में कंपनी को हर माह करीब 4 करोड़ की राशि दी जा रही है। साथ ही यह भी निर्णय हुआ कि लायंस कंपनी अगर कचरा खुले में फेंकती है तो निगम एमओएच विंग के सब इंस्पेक्टर भी जिम्मेदार होंगे। ऐसे में अगर उनकी भी संलिप्तता मिलती है तो उन पर भी कार्रवाई होगी। मालूम हो कि वन विभाग ने शनिवार सुबह लायंस कंपनी के कर्मचारियों को कचरा फेंकते हुए पकड़ा था। वन विभाग ने पुलिस में डीडीआर भी दर्ज करवाई है। हालांकि नगर निगम ने कंपनी का 5500 रुपये का चालान भी काटा है। डिप्टी मेयर अनिल दूबे ने कहा कि लायंस कंपनी पर 100 गुना जुर्माना लगाया जाए।
अधिकतर भाजपा पार्षद संतुष्ट पर मेयर और चेयरमैन नहीं
लांयस कंपनी की सफाई व्यवस्था पर कांग्रेसी पार्षदों ने नाराजगी जाहिर की जबकि भाजपा पार्षद सतीश कैंथ, राजेश कालिया, सुनीता धवन, गुरप्रीत ढिल्लो ने कहा कि सफाई ठीक से की जा रही है। मनोनीत पार्षद सचिन लोहटिया ने कहा कि कंपनी सफाई कर्मचारियों का शोषण कर रही है। मेयर आशा जसवाल ने कहा कि उन्होंने खुद दक्षिणी सेक्टरों का दौरा किया है। वह कंपनी के काम से संतुष्ट नहीं है। भाजपा पार्षद एवं सैनिटेशन कमेटी के चेयरमैन भरत कुमार ने कहा कि कंपनी मशीनों से नाइट स्वीपिंग नहीं कर रही है। कांग्रेस पार्षद रविंदर कौर गुजराल ने भी कहा कि सेक्टर-43 में जगह-जगह गंदगी के ढेर हैं। कांग्रेस पार्षद गुरबख्श रावत का कहना है कि गंदगी उठाने के लिए फोन करने पड़ते हैं।