ऐसा पहली बार हो रहा है कि जब चंडीगढ़ नगर निगम चुनाव के लिए किसी राजनीतिक दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष को भी मैदान में उतरना पड़ रहा हो। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के रविवार को बूथ कार्यकर्ता सम्मेलन में आने से यह बात तय हो गई है कि भाजपा नगर निगम चुनाव को बहुत गंभीरता से ले रही है।
अमित शाह के आने के पीछे कई कारणों को जोड़ कर देखा जा रहा है। पहला प्रमुख कारण पंजाब विधानसभा चुनाव है। भाजपा चंडीगढ़ नगर निगम चुनाव में कब्जा करके पंजाब के मतदाताओं को जीत का मैसेज देना चाहती है ताकि पंजाब में भी अकाली- पंजाब की सरकार फिर से बन सके। अकाली दल भी पंजाब के उप मुख्यमंत्री सुखबीर बादल से शहर के नगर निगम चुनाव में प्रचार करवाने की तैयारी में है।
राजनीतिक विशेषज्ञों का तो यह भी कहना है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष को बुलाकर भाजपा अध्यक्ष संजय टंडन पार्टी में अपनी मजबूती दिखाना चाहते हैं, क्योंकि स्थानीय सीनियर नेताओं के बीच काफी गुटबाजी है। शाह को इसकी जानकारी भी है। इस गुटबाजी को शांत करने के लिए भी शाह को बुलाया गया है।
मालूम हो कि पिछले नगर निगम चुनाव में गुटबाजी के कारण ही भाजपा नगर निगम में कब्जा नहीं कर पाई थी और गुटबाजी के चलते ही हाईकमान को किरण खेर को लोकसभा का उम्मीदवार बनाना पड़ा। हाल ही में भी नई नई घोषणाओं और उद्घाटनों के दौरान भाजपा नेताओं की गुटबाजी देखी गई है। सभी गुट अपने ज्यादा से ज्यादा करीबियों को टिकट दिलवाना चाहते हैं। राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह गुटबाजी को समाप्त करके पार्टी को जितवाने के टिप्स भी सीनियर नेताओं को देंगे।