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निगम चुनाव: मेयर सूद के वार्ड समेत 5 हो सकते हैं एससी रिजर्व

Wed, 17 Aug 2016 09:22 AM IST
राजेश ढल्लअमर उजाला, चंडीगढ़
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सेक्टर 17 के व्यापारियों के साथ मीटिंग करते हुए मेयर अरुण सूद - फोटो : अमर उजाला
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दिसंबर माह में होने वाले नगर निगम चुनाव फिर से 26 वार्ड के लिए ही होंगे। प्रशासन नए सिरे से वार्डबंदी करने के लिए तैयार नहीं है।
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ऐसे में इस बार पांच एसी जनरल सीटें रोटेशन में आरक्षित होने की संभावना है, जिन पर अब तक जनरल कैटगरी से कांग्रेस और भाजपा के दिग्गज उम्मीदवार चुनाव लड़ते रहे हैं। ऐसे में आगामी नगर निगम चुनाव में राजनीतिक समीकरण भी बदलेंगे।

साल 2006 और 2011 के नगर निगम चुनाव में जो 10 वार्ड  रिजर्व किए गए थे, वे इस बार वे जनरल कैटगरी में बदल जाएंगे। उस समय भी उन पांच वार्डों को आरक्षित किया गया था, जिनमें अनुसूचित जाति और जनजाति की संख्या सबसे ज्यादा थी। साल 2006 में जातियों की जनसंख्या का आधार ही वार्ड आरक्षण का पैमाना बनेगा। इसके तहत वर्तमान मेयर अरुण सूद, डिप्टी मेयर हरदीप सिंह, भाजपा पार्षद सतिंदर सिंह, निर्दलीय उम्मीदवार गुरचरण दास काला और वार्ड 26 (इंदिरा कालोनी) से पार्षद देसराज का वार्ड रिजर्व में तबदील हो सकता है। ऐसे में इन वार्डों के वर्तमान पार्षदों को चुनाव लड़ने के लिए किसी दूसरे वार्ड का रुख करना पड़ेगा।।
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साल 2006 में घोषित जनंसख्या के आधार पर ही वार्डों की रोटेशन किया जा रहा है। उसके अनुसार अब वार्ड नंबर- 8, 10,17,25 और 26 में एससी जनसंख्या ज्यादा है। अब जो पांच वार्ड आरक्षित किए जाएंगे उन्हीं में से दो वार्ड आरक्षित वर्ग की महिला के लिए ड्रा के माध्यम से चुने जाएंगे।
पिछले दिनों कांग्रेस की बैठक में जनरल से आरक्षित वर्ग में सीटें बदलने के मुद्दे पर चर्चा चुकी है। बैठक में पूर्व रेल मंत्री पवन बंसल और कांग्रेस अध्यक्ष प्रदीप छाबड़ा ने इसकी जानकारी नेताओं को दे दी है। ऐसे में पार्टी अब तक जहां जनरल कैटगरी के उम्मीदवारों के नामों पर चर्चा कर रही थी, अब वहां से एससी नेताओं के नाम की सूची तैयार की जा रही है।
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प्रशासन वार्ड बढ़ाने के लिए तैयार नहीं

चंडीगढ़ नगर निगम की हाउस मीटिंग में मेयर अरुण सूद - फोटो : अमर उजाला
प्रशासन द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त को दो सितंबर तक जवाब देना है कि वह नए सिरे से वार्ड बंदी के लिए तैयार है कि नहीं। इस पर प्रशासन जवाब तैयार कर चुका है परंतु भेजा नहीं है। प्रशासन के अनुसार जवाब में कहा गया है कि नए सिरे से वार्ड बंदी के लिए अब समय नहीं बचा है। दूसरा धनास की पुनर्वास कालोनी और मौलीजागरां-2 की कालोनी को नगर निगम चुनाव में शामिल नहीं किया जा रहा है, क्याेंकि अभी तक इस एरिया को शहरी आबादी में तबदील नहीं किया जा सका है। इससे पहले प्रशासन 13 गांवों को नगर निगम में शामिल न होने का जवाब मुख्य चुनाव आयुक्त को भेज चुका है।

सात वार्ड सामान्य महिलाओं के लिए होने हैं आरक्षित
चुनाव आयोग के निर्देश पर अक्तूबर माह में एससी और जनरल महिलाओं के वार्डों का ड्रा निकाला जाएगा। इनमे सात वार्ड सामान्य कैटगरी की महिलाओं केलिए भी रिजर्व होंगे। इनमें वे वार्ड महिलाओं के लिए रिजर्व किए जाएंगे जो 2006 और 2011 में रिजर्व न रहे होें।

यह वार्ड महिलाओं केलिए हो सकते है रिजर्व
महिलाओं के लिए आरक्षित वार्डों में तीन बड़े नेताओं के वार्ड शामिल हो सकते हैं। माना जा रहा है कि कांग्रेस अध्यक्ष प्रदीप छाबड़ा का वार्ड नंबर 3, वार्ड नंबर-5,6, 11,12,13,भाजपा के राजेश गुप्ता का वार्ड नंबर-16 और सीनियर डिप्टी मेयर देवेश मोदगिल का वार्ड नंबर 22, महिलाओं के लिए रिजर्व किया जा सकता है। कांग्रेस अध्यक्ष प्रदीप छाबड़ा ने अध्यक्ष बनने के बाद चुनाव न लड़ने की घोषणा कर रखी है। अब अगर उनका वार्ड महिलाओं के लिए रिजर्व होता है तो वहां से वह अपनी पत्नी को मैदान में उतारेंगे।
कांग्रेस पार्टी हर तरह से निगम चुनाव के लिए तैयार है। बहुमत कांग्रेस को ही मिलेगा। पार्टी के पास हर वार्ड के लिए तगड़े प्रत्याशी उपलब्ध हैं।
प्रदीप छाबड़ा, कांग्रेस अध्यक्ष यूटी
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