दिसंबर माह में होने वाले नगर निगम चुनाव फिर से 26 वार्ड के लिए ही होंगे। प्रशासन नए सिरे से वार्डबंदी करने के लिए तैयार नहीं है।
ऐसे में इस बार पांच एसी जनरल सीटें रोटेशन में आरक्षित होने की संभावना है, जिन पर अब तक जनरल कैटगरी से कांग्रेस और भाजपा के दिग्गज उम्मीदवार चुनाव लड़ते रहे हैं। ऐसे में आगामी नगर निगम चुनाव में राजनीतिक समीकरण भी बदलेंगे।
साल 2006 और 2011 के नगर निगम चुनाव में जो 10 वार्ड रिजर्व किए गए थे, वे इस बार वे जनरल कैटगरी में बदल जाएंगे। उस समय भी उन पांच वार्डों को आरक्षित किया गया था, जिनमें अनुसूचित जाति और जनजाति की संख्या सबसे ज्यादा थी। साल 2006 में जातियों की जनसंख्या का आधार ही वार्ड आरक्षण का पैमाना बनेगा। इसके तहत वर्तमान मेयर अरुण सूद, डिप्टी मेयर हरदीप सिंह, भाजपा पार्षद सतिंदर सिंह, निर्दलीय उम्मीदवार गुरचरण दास काला और वार्ड 26 (इंदिरा कालोनी) से पार्षद देसराज का वार्ड रिजर्व में तबदील हो सकता है। ऐसे में इन वार्डों के वर्तमान पार्षदों को चुनाव लड़ने के लिए किसी दूसरे वार्ड का रुख करना पड़ेगा।।
साल 2006 में घोषित जनंसख्या के आधार पर ही वार्डों की रोटेशन किया जा रहा है। उसके अनुसार अब वार्ड नंबर- 8, 10,17,25 और 26 में एससी जनसंख्या ज्यादा है। अब जो पांच वार्ड आरक्षित किए जाएंगे उन्हीं में से दो वार्ड आरक्षित वर्ग की महिला के लिए ड्रा के माध्यम से चुने जाएंगे।
पिछले दिनों कांग्रेस की बैठक में जनरल से आरक्षित वर्ग में सीटें बदलने के मुद्दे पर चर्चा चुकी है। बैठक में पूर्व रेल मंत्री पवन बंसल और कांग्रेस अध्यक्ष प्रदीप छाबड़ा ने इसकी जानकारी नेताओं को दे दी है। ऐसे में पार्टी अब तक जहां जनरल कैटगरी के उम्मीदवारों के नामों पर चर्चा कर रही थी, अब वहां से एससी नेताओं के नाम की सूची तैयार की जा रही है।