चंडीगढ़। वित्तीय संकट से जूझ रहे नगर निगम को बजट देने के लिए मेयर ने चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया को पत्र लिखा है। इसमें कहा गया है कि चौथे दिल्ली वित्त आयोग की सिफारिश को ठीक से लागू किया जाए। उस हिसाब से करीब 1700 करोड़ रुपए का बजट मिलना चाहिए। मेयर हरप्रीत कौर बबला ने प्रशासक से आग्रह किया है कि जब तक कि चौथे दिल्ली वित्त आयोग की सिफारिशें स्वीकृत नहीं हो जातीं, तीसरे दिल्ली वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुसार फंड का विभाजन करें।
2014 में सिफारिशें लागू हुई थी
चौथे दिल्ली वित्त आयोग की सिफारिशें अगस्त 2014 में की गई थीं, लेकिन तब से यह मामला लंबित है। आयोग की सिफारिशों में मूल्य वर्धित कर, स्थानीय उत्पाद शुल्क, मोटर वाहन कर, और सेवा कर से संबंधित फंड के विभाजन के बारे में विस्तार से बताया गया है। मेयर ने कहा कि चंडीगढ़ नगर निगम को वित्तीय संकट का सामना करना पड़ रहा है। इसके लिए चंडीगढ़ प्रशासन और भारत सरकार गृह मामलों के मंत्रालय के बीच लंबित मामले को हल करने की आवश्यकता है।