चंडीगढ़ मेयर चुनाव एक बार फिर से सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि इस बार चुनाव के लिए हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज को ऑब्जर्बर नियुक्त किया जाएगा। वहीं, मेयर कुलदीप की हाथ खड़े करके मतदान करवाने की अपील को खारिज कर दिया गया है।
आम आदमी पार्टी के मेयर कुलदीप कुमार ने अब सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। कुलदीप कुमार की तरफ से वीरवार को सुप्रीम कोर्ट में केस फाइल किया गया था, जिस पर शुक्रवार को अर्जेंट में सुनवाई हुई। कुलदीप कुमार ने 30 जनवरी को होने वाले मेयर चुनाव में सीक्रेट बैलट पेपर की बजाए हाथ खड़े करके चुनाव कराने की मांग की है।
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आम आदमी पार्टी के वकील फैरी सोफत ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने हाथ खड़े करके चुनाव कराने की मांग को स्वीकार नहीं किया लेकिन अदालत ने कहा है कि चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष होना चाहिए। इसके लिए वह हाईकोर्ट के किसी रिटायर्ड जज को ऑब्जर्वर की तौर पर नियुक्त करेंगे। उन्होंने बताया कि इस मामले में चंडीगढ़ प्रशासन को नोटिस जारी किया गया है। अगली सुनवाई 27 जनवरी को होगी।
बता दें कि 30 जनवरी को मेयर चुनाव होने हैं और इसके लिए 25 जनवरी को नॉमिनेशन फाइल होंगे। इससे पहले यह चुनाव 24 जनवरी को होना था, लेकिन आम आदमी पार्टी इसके खिलाफ पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट चली गई थी। हाईकोर्ट ने 29 जनवरी के बाद चुनाव कराने के निर्देश दिए थे, जिसके बाद डीसी निशांत कुमार यादव ने 30 जनवरी को चुनाव कराने की नोटिफिकेशन जारी की है।