मेयर चुनाव नजदीक आने के साथ चंडीगढ़ का सियासी पारा चढ़ने लगा है। भाजपा अपनी जीत को लेकर आश्वस्त है लेकिन कांग्रेस और आम आदमी पार्टी में गठबंधन की चर्चाओं ने हलचल बढ़ा दी है। कांग्रेस ने चुनाव को लेकर प्रस्तावों की बात कहकर चर्चाओं को हवा दे दी है लेकिन आप की तरफ से इनकार किया जा रहा है।
डीसी विनय प्रताप सिंह ने स्पष्ट कर दिया है कि जल्द चुनाव की तिथि की घोषणा कर दी जाएगी। वर्तमान मेयर का कार्यकाल 17 जनवरी तक है। इससे पहले नए मेयर का चुनाव संपन्न कराना है। आम आदमी पार्टी और कांग्रेस ने डीसी को पत्र लिखकर जल्द तिथियों की घोषणा करने की मांग कर दी है।
तैयारियों पर भाजपा नेताओं का कहना है कि उनके पार्षद एकजुट हैं और मेयर उनका ही बनेगा। हालांकि, आम आदमी पार्टी और कांग्रेस में हलचल है। कांग्रेस का दावा है कि उन्होंने आप को चुनाव से संबंधित कुछ प्रस्ताव दिए हैं लेकिन आप इन्कार कर रही है। इससे कार्यकर्ताओं में असमंजस हैं। वे खुलकर कुछ नहीं बोल पा रहे हैं। पार्टी के पार्षद भी वरिष्ठ नेताओं की ओर देख रहे हैं लेकिन मेयर पद के चेहरे अपने लिए समर्थन जुटाने में लगे हुए हैं। दूसरे खेमे के पार्षदों से मिलने और समर्थन मांगने का दौर जारी है। एक-दूसरे पार्षदों को फोन करके समर्थन मांगा जा रहा है। दफ्तरों में मिलने-जुलने का क्रम भी जारी है।
चुनावी साल इसलिए नेता चिंता से बेहाल
इस वर्ष मेयर का चुनाव लोकसभा चुनाव के मद्देनजर भी काफी महत्वपूर्ण है। जिस भी दल का मेयर बनेगा, वह लोकसभा चुनाव के लिए अपनी पार्टी की जीत के लिए जमीन तैयार करेगा। लोकसभा चुनाव की जीत और हार काफी हद तक बनने वाले मेयर की घोषणाओं और कार्यों पर भी निर्भर करेगा। मेयर का चुनाव 17 जनवरी या उसके आसपास किसी दिन को हो सकता है। जो भी मेयर बनेगा, उसे लोकसभा चुनाव से पहले काम करने के लिए जनवरी के कुछ दिन, फरवरी और मार्च महीने में कुछ दिन मिलेंगे, क्योंकि माना जा रहा है कि मार्च के मध्य या आखिर में आचार संहिता लागू हो सकती है।
चुनाव से पहले जोड़-तोड़ की संभावना
भाजपा अपनी जीत को लेकर आश्वस्त है लेकिन आप के पदाधिकारी भी इस बार जीत का दम भर रहे हैं। सियासी गलियारों में चर्चा है कि चुनाव से पहले जोड़ तोड़ की राजनीति भी हो सकती है। दूसरी पार्टियों के पार्षदों से संपर्क साधा जा रहा है लेकिन आप और कांग्रेस की नजर इंडिया गठबंधन की होने वाली बैठक पर है। कहा जा रहा है कि जब राष्ट्रीय स्तर पर दोनों पार्टियां भाजपा के खिलाफ एकजुट हैं तो मेयर चुनाव में भी होना चाहिए। कांग्रेस भी गठबंधन की बात को हवा दे रही है। हालांकि जमीनी स्तर पर ऐसा होता नजर नहीं आ रहा है।
वर्तमान में वोट का गणित
भाजपाः 14 पार्षद + एक सांसद
आम आदमी पार्टीः 13
कांग्रेसः 7
अकाली दलः 1
मेयर चुनाव के चेहरे
भाजपाः मनोज सोनकर
आम आदमी पार्टीः कुलदीप टीटा, नेहा, पूनम, लखबीर सिंह बिल्लू
कांग्रेसः जसबीर सिंह बंटी, निर्मला देवी
पार्टी का उम्मीदवार ही मेयर बनेगा
भारतीय जनता पार्टी मेयर चुनाव को लेकर आश्वस्त है। भाजपा के सभी पार्षद एकजुट हैं और पार्टी का उम्मीदवार ही मेयर बनेगा। आम आदमी पार्टी और कांग्रेस का गठबंधन जब होगा, तो ही उस पर कुछ कहा जा सकेगा।
- जतिंदरपाल मल्होत्रा, प्रदेश अध्यक्ष, भाजपा
इंडिया गठबंधन की बैठक पर नजर
दिल्ली में सोमवार को एमपी की सीटों को लेकर बैठक है। उसमें जो फैसला होगा, उसका असर चंडीगढ़ में भी देखने को मिलेगा। हालांकि, स्थानीय स्तर पर भी बातचीत चल रही है। कुछ प्रस्ताव दिए गए हैं। जल्द ही इस संबंध में कोई फैसला लिया जाएगा।
- एचएस लक्की, प्रदेश अध्यक्ष, कांग्रेस
भाजपा को बाहर करना जरूरी
गठबंधन को लेकर मुझसे कोई चर्चा नहीं हुई है, न ही मेरे पास कोई प्रस्ताव आया है। शहर की जनता ने आम आदमी पार्टी को वोट देकर सबसे ज्यादा पार्षद दिए लेकिन दो साल से भाजपा का मेयर है। शहर के विकास के लिए भाजपा को बाहर करना जरूरी है।
- डॉ. एसएस अहलूवालिया, सह-प्रभारी, आप चंडीगढ़
तिथियों की घोषणा इस हफ्ते
मेयर चुनाव के लिए तिथियों की घोषणा इस हफ्ते कर दी जाएगी। रविवार का दिन होने की वजह से तिथियों पर फैसला नहीं लिया जा सका।
- विनय प्रताप सिंह, डीसी