बवाल थमने के बावजूद अब भाजपा को क्रास वोटिंग का डर सता रहा है। नामांकन वापस लेने के बाद आशा जसवाल ने पार्टी के सीनियर नेताओं और पार्षदों के साथ बैठक में कहा कि वह मतदान नहीं करेंगी क्योंकि मत डालने के बाद अगर कोई वोट क्रास होगी तो उन पर ही आरोप लगेंगे।
भाजपा अध्यक्ष संजय टंडन ने सोमवार दोपहर सेक्टर-33 पार्टी कार्यालय में मोदगिल के पक्ष में वोट करने के लिए बैठक बुलाई थी, जिसमें सांसद किरण खेर, पूर्व सांसद सत्यपाल जैन सहित पार्टी के पार्षदों ने भाग लिया।
वर्तमान मेयर आशा जसवाल ने कहा कि साल 2014 और पिछले साल जब हीरा नेगी वित्त एवं अनुबंध कमेटी के चुनाव में क्रास वोटिंग के कारण हार गई थी तो उन्होंने आरोप लगाया था कि मेयर आशा जसवाल ने उन्हें हरवाया है। 2014 में हीरा नेगी ने मेयर का चुनाव लड़ा था, उस समय भाजपा की क्रास वोटिंग के कारण ही वह हार गई थी। इस पर भाजपा अध्यक्ष संजय टंडन ने आशा जसवाल की बात का समर्थन किया, लेकिन बाद में सांसद किरण खेर और पूर्व सांसद सत्यपाल जैन के कहने पर आशा जसवाल मतदान के लिए तैयार हुईं।